नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लाल किले की प्राचीर से 12वीं बार तिरंगा फहराया और देश को संबोधित किया। भाषण की शुरुआत में उन्होंने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को नमन किया।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में हाल ही में संपन्न हुए ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा, “आज लाल किले की प्राचीर से ऑपरेशन सिंदूर के जांबाजों को सैल्यूट करने का अवसर मिला है। हमारे वीर सैनिकों ने दुश्मनों को उनकी कल्पना से परे सजा दी है।”
उन्होंने पहलगाम में हुई आतंकी घटना का जिक्र करते हुए कहा कि सीमा पार से आए आतंकियों ने धर्म पूछ-पूछकर लोगों की हत्या की, पत्नी के सामने पति और बच्चों के सामने पिता को मार दिया गया। पीएम ने कहा कि यह कत्लेआम पूरे हिंदुस्तान को आक्रोश से भर गया और इसी आक्रोश की अभिव्यक्ति ऑपरेशन सिंदूर था।
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत अब किसी भी तरह की न्यूक्लियर धमकियों और ब्लैकमेलिंग को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा, “भारत ने तय कर लिया है कि न्यूक्लियर की धमकियों को अब हम नहीं सहने वाले हैं। अब ब्लैकमेलिंग नहीं सहेंगे।”
सिंधु जल समझौते पर भी उन्होंने सख्त रुख अपनाया और कहा, “भारत ने तय किया है कि खून और पानी साथ-साथ नहीं बहेंगे। हमारे किसानों का हक है कि उन्हें उनकी नदियों का पानी मिले। सिंधु समझौता एकतरफा और अन्यायपूर्ण था, राष्ट्रहित में यह मंजूर नहीं है।”
पीएम मोदी के इस संबोधन को देश की सुरक्षा, आतंकवाद पर सख्त कार्रवाई और पानी के अधिकार को लेकर बड़े नीति-निर्णय के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

