रायपुर में 17 क्रांतिकारियों की शहादत:17 अगस्त 1858 के विद्रोह की अमर गवाही

रायपुर में 17 क्रांतिकारियों की शहादत:17 अगस्त 1858 के विद्रोह की अमर गवाही

(इमरान खान की कलम से)

1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम केवल मेरठ, कानपुर या झांसी की कहानी नहीं है। यह वह ज्वाला थी जिसने देश के कोने-कोने में आज़ादी की चिंगारी भड़का दी थी, और उसी आग की लपटें रायपुर छावनी तक भी पहुंची थीं।

इतिहासकार बताते हैं कि रायपुर में अंग्रेजी शासन के खिलाफ विद्रोह की कमान ‘मैगजीन लश्कर’ के नेता हनुमान सिंह राजपूत ने संभाली थी। उनका उद्देश्य साफ था—विदेशी हुकूमत को उखाड़ फेंकना और अपने देश को स्वतंत्र देखना। विद्रोह के दौरान हनुमान सिंह अंग्रेजों की गिरफ्त से निकलने में सफल रहे, लेकिन उनके कई वीर साथी पकड़ लिए गए।

इन 17 शहीदों के नाम हैं-

गाजी खान (हवलदार),अकबर हुसैन (सिपाही), नाजर मोहम्मद (सिपाही), बल्ली दुबे (सिपाही), लल्ला सिंह (सिपाही), बुद्धु (सिपाही),पन्नालाल (सिपाही), शिव गोविंद (सिपाही) और देवीदीन (सिपाही), मातादीन (सिपाही), ठाकुर सिंह (सिपाही), दुर्गाप्रसाद (सिपाही), परमानंद (सिपाही), शोभाराम (सिपाही), अब्दुल हयात (गोलंदाज), मुल्लू (गोलंदाज), शिवरी नारायण (गोलंदाज)।

अंग्रेजी हुकूमत ने इन सभी को राजद्रोह का दोषी ठहराया। लेकिन उस समय यह “राजद्रोह” नहीं, बल्कि मातृभूमि के प्रति निष्ठा और स्वतंत्रता का उद्घोष था। कठोर और क्रूर ब्रिटिश न्याय व्यवस्था ने बिना किसी दया के फैसला सुनाया—सार्वजनिक फांसी।

17 अगस्त 1858 को रायपुर सेंट्रल जेल के सामने एक बड़ा मंच तैयार किया गया। जनता को इस ‘सजा-ए-मौत’ का गवाह बनाने के लिए मजबूर किया गया, ताकि डर बैठाया जा सके। लेकिन इन 17 वीरों के चेहरों पर भय नहीं, बल्कि गर्व और संतोष था। वे जानते थे कि उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।

कहा जाता है कि फांसी से पहले सभी ने एक स्वर में वंदेमातरम और अल्लाह-हू-अकबर के नारे लगाए। उस समय रायपुर की हवा में देशभक्ति की गूंज फैल गई थी। अंग्रेज चाहते थे कि यह घटना लोगों में दहशत पैदा करे, लेकिन इसका उल्टा असर हुआ—यह घटना छत्तीसगढ़ के लोगों के दिल में आज़ादी के बीज और गहरे बो गई।

आज भी रायपुर की यह घटना छत्तीसगढ़ की स्वतंत्रता की लड़ाई के इतिहास में अमर बलिदान के रूप में दर्ज है। ये 17 नाम केवल शहीदों की सूची नहीं, बल्कि एक प्रेरणा हैं—कि मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए सबसे बड़ा मूल्य भी छोटा है।

Chhattisgarh