एआई ने बनाई नई एंटीबायोटिक दवाएं, सुपरबग्स के खिलाफ मिली सफलता

एआई ने बनाई नई एंटीबायोटिक दवाएं, सुपरबग्स के खिलाफ मिली सफलता

नई दिल्ली:
आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (एआई) ने चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वैज्ञानिकों ने बताया है कि एआई की मदद से दो नई एंटीबायोटिक दवाएं विकसित की गई हैं, जो खतरनाक सुपरबग्स गोनोरिया और एमआरएसए (Methicillin-resistant Staphylococcus aureus) को खत्म करने में सक्षम साबित हुई हैं।

मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) की शोधकर्ता टीम ने बताया कि इन दोनों दवाओं को एआई ने डिज़ाइन किया है। अब तक किए गए प्रयोगों में ये दवाएं न सिर्फ़ प्रयोगशाला स्तर पर बल्कि जानवरों पर भी सफल रही हैं।

हालांकि, शोधकर्ताओं का कहना है कि इन कम्पाउंड्स को आम लोगों तक पहुँचने में अभी समय लगेगा। आने वाले कई सालों तक इन्हें और रिफ़ाइन किया जाएगा और लगातार परीक्षण होंगे। उसके बाद ही डॉक्टर इन्हें प्रिस्क्रिप्शन के तौर पर मरीजों को दे पाएंगे।

एमआईटी टीम का मानना है कि एआई के ज़रिए एंटीबायोटिक खोज का यह नया अध्याय चिकित्सा विज्ञान के लिए “दूसरा स्वर्ण युग” साबित हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह तकनीक सफल रही, तो भविष्य में दवा निर्माण की प्रक्रिया और भी तेज़ और सटीक हो जाएगी।

👉 सुपरबग्स वे बैक्टीरिया होते हैं जो मौजूद एंटीबायोटिक दवाओं पर असर नहीं दिखाते। चिकित्सा जगत के लिए यह बड़ी चुनौती बने हुए हैं। ऐसे में एआई द्वारा विकसित दवाएं स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांति ला सकती हैं।

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