छोटे अपराधों को अपराध-मुक्त करने वाला विधेयक लोकसभा में होगा पेश

छोटे अपराधों को अपराध-मुक्त करने वाला विधेयक लोकसभा में होगा पेश

नई दिल्ली: केंद्र सरकार लोकसभा में एक अहम विधेयक पेश करने जा रही है, जिसके जरिए 350 से अधिक प्रावधानों में संशोधन का प्रस्ताव रखा गया है। इस विधेयक का उद्देश्य छोटे-मोटे अपराधों को अपराध-मुक्त कर भरोसा आधारित शासन को बढ़ावा देना और नागरिकों व कारोबारियों के लिए जीवन व व्यवसाय की सुगमता सुनिश्चित करना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में कहा था कि भारत में कई ऐसे कानून हैं जिनमें मामूली मामलों में भी कारावास का प्रावधान है, जबकि उनकी कोई व्यावहारिक आवश्यकता नहीं है। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि सरकार का संकल्प ऐसे कानूनों को समाप्त करने का है, जिनकी वजह से लोगों को बेवजह जेल जाना पड़ता है।

एक अधिकारी के मुताबिक, यह नया विधेयक देश में अधिक अनुकूल कारोबारी और नागरिक-केंद्रित वातावरण बनाने में मदद करेगा।

पहले भी हुए हैं बड़े सुधार

इससे पहले वर्ष 2023 में जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम पारित किया गया था। इसके तहत 19 मंत्रालयों और विभागों द्वारा संचालित 42 केंद्रीय अधिनियमों के 183 प्रावधानों को अपराध-मुक्त कर दिया गया था। इसमें कई जगह कारावास की सजा को हटा दिया गया था और केवल जुर्माना रखा गया, वहीं कुछ प्रावधानों में कारावास व जुर्माना दोनों को केवल जुर्माने में बदल दिया गया।

40 हजार प्रावधान और 1500 पुराने कानून खत्म

सरकार अब तक 40,000 से ज्यादा अनावश्यक प्रावधानों को समाप्त कर चुकी है। इसके अलावा 1,500 से अधिक पुराने कानूनों को भी खत्म किया जा चुका है।

नए विधेयक को सरकार अपने Ease of Doing Business और Ease of Living एजेंडा का अगला कदम मान रही है। इसके पारित होने से छोटे अपराधों के मामलों में लोगों पर जेल की तलवार नहीं लटकेगी और व्यवस्था और अधिक पारदर्शी बनेगी।

Crime National