छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद पर निर्णायक वार की तैयारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद पर निर्णायक वार की तैयारी

सितंबर के बाद अब बस्तर में नक्सल विरोधी मुहिम तेज हो गई है। 1 अक्टूबर को बीजापुर के पामेड़ क्षेत्र में कोबरा 208 बटालियन ने जंगलों से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद किए। 3 अक्टूबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नया रायपुर में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा से नक्सल मुद्दे पर चर्चा की और 4 अक्टूबर को बस्तर में मंच से एलान किया—31 मार्च 2025 तक नक्सलवाद का सफाया होगा। नवंबर में रायपुर में होने वाले डीजीपी-आईजी सम्मेलन में शाह शामिल होंगे, और संभावना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इसमें उपस्थित रहें।

ननकीराम कंवर का विरोध और हाउस अरेस्ट
पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर कोरबा कलेक्टर को हटाने की मांग को लेकर रायपुर पहुंचे, जहां उन्हें पुलिस ने हाउस अरेस्ट किया। कंवर अपने बेबाक बयानों और अधिकारियों के खिलाफ़ मुखर रुख के लिए जाने जाते हैं।

रेणुका सिंह की ‘रावण’ वाली दहाड़ से सियासी हलचल
भाजपा विधायक रेणुका सिंह ने सोनहत के दशहरा मंच से कहा—“रावण कभी मरता नहीं, वो हमारे मन, घर और सरकार में है।” उनके इस बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रियाएं दीं।

मुख्य सचिव चयन में ‘नागपुर फैक्टर’
छत्तीसगढ़ के नए मुख्य सचिव की नियुक्ति में नागपुर की भूमिका चर्चा में है। अप्रत्याशित नाम को चार वरिष्ठ अफसरों से आगे बढ़ाकर चुना गया।

रायपुर नगर निगम को चाहिए ‘यू.एस. अग्रवाल’ जैसे अफसर
अपर कमिश्नर यू.एस. अग्रवाल रिटायर हुए। निगम में वित्तीय सुधार और पुरानी पेंशन योजना लागू कराने में उनकी अहम भूमिका रही। निगम कर्मियों का मानना है कि भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए अग्रवाल जैसे कुशल अफसरों की ज़रूरत है।

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