राजधानी रायपुर में फर्जी रजिस्ट्री कांड का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में एक मृत महिला को जिंदा दिखाकर उसके नाम पर जमीन की फर्जी रजिस्ट्री कराई गई। इस मामले ने रजिस्ट्री विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि अधिकारियों द्वारा कथित रूप से रुपए लेकर बिना स्थल निरीक्षण किए रजिस्ट्री पूरी करने के आरोप सामने आए हैं।
जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले का मुख्य सूत्रधार होटल और केबल कारोबारी है, जिसे इस फर्जीवाड़े का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है।
पुलिस ने इस मामले में बीजेपी तेलीबांधा मंडल अध्यक्ष दलविंदर सिंह बेदी समेत कुल 7 आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। आरोपियों पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर कई प्लॉटों पर कब्जा करने की साजिश रचने का आरोप है।
गौरतलब है कि कोर्ट पहले ही इन रजिस्ट्रियों को शून्य घोषित कर चुका है।
शिकायतकर्ता रिटायर्ड शिक्षक देवनाथ देवागन की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471, 506 और 34 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।
सिविल लाइंस थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
मामले में राजनीतिक रसूख और फर्जीवाड़े के गठजोड़ की भी चर्चा जोरों पर है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, और भी रजिस्ट्री मामलों की जांच की जा रही है — जिनमें कई चौंकाने वाले खुलासे होने की संभावना है।

