नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या में बड़ी गिरावट – अमित शाह ने बताई मोदी सरकार की सफलता

नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या में बड़ी गिरावट – अमित शाह ने बताई मोदी सरकार की सफलता

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को नक्सल विरोधी अभियानों की सफलता को लेकर बड़ा बयान दिया। गृह मंत्रालय के अनुसार, नक्सलवाद से सबसे अधिक प्रभावित जिलों की संख्या 6 से घटकर अब केवल 3 रह गई है, जबकि वामपंथी उग्रवाद (LWE) प्रभावित जिलों की संख्या भी 18 से घटकर 11 कर दी गई है।

मंत्रालय ने बताया कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ के बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर जिले ही सबसे अधिक प्रभावित श्रेणी में शामिल हैं। मंत्रालय के अनुसार, “देश में अब केवल 11 जिले ही वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित हैं।”


रिकॉर्ड तोड़ ऑपरेशन – 312 नक्सली ढेर, 1639 ने किया आत्मसमर्पण

गृह मंत्रालय ने बताया कि मोदी सरकार का लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करना है।
इस वर्ष अब तक सुरक्षा बलों ने बड़ी कामयाबी हासिल की है —

312 वामपंथी कैडरों को मार गिराया गया, जिनमें CPI (माओवादी) महासचिव सहित 8 पोलित ब्यूरो व केंद्रीय समिति के सदस्य शामिल हैं।

836 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया।

1639 उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में वापसी की, जिनमें एक पोलित ब्यूरो और एक सेंट्रल कमेटी सदस्य भी हैं।


‘नेशनल एक्शन प्लान’ से बदली तस्वीर

मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में ‘नेशनल एक्शन प्लान और पॉलिसी’ को कड़ाई से लागू किया गया, जिसके तहत –

सटीक खुफिया आधारित ऑपरेशन,

सुरक्षा खाली क्षेत्रों पर नियंत्रण,

शीर्ष नक्सली नेताओं को निशाना बनाना,

बुनियादी ढांचे का तेज विकास,

कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार,

और केंद्र व राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया गया।

मंत्रालय ने कहा, “2010 में जिसे देश की सबसे बड़ी आंतरिक सुरक्षा चुनौती कहा गया था, वह नक्सलवाद अब तेजी से समाप्ति की ओर है।”


लाल गलियारा सिमट गया

गौरतलब है कि कभी नक्सलियों ने नेपाल के पशुपति से लेकर आंध्र प्रदेश के तिरुपति तक एक “लाल गलियारा” बनाने की योजना बनाई थी।
2013 में 126 जिलों में नक्सली हिंसा की घटनाएं दर्ज हुई थीं, जबकि मार्च 2025 तक यह घटकर केवल 18 जिलों तक सीमित रह गईं। अब सिर्फ 3 जिले सर्वाधिक प्रभावित श्रेणी में बचे हैं।


गृह मंत्रालय ने दोहराया कि केंद्र सरकार नक्सलवाद के पूरी तरह उन्मूलन तक अपने अभियान जारी रखेगी।

Uncategorized