दीपावली का पांच दिवसीय पर्व जारी है। इसी क्रम में आज बुधवार, 22 अक्टूबर 2025 को देशभर में गोवर्धन पूजा धूमधाम से मनाई जा रही है। इस दिन गायों के साथ भगवान श्रीकृष्ण और गोवर्धन पर्वत की पूजा-अर्चना का विधान है।
ज्योतिषाचार्य डॉ. उमाशंकर मिश्र के मुताबिक इस पर्व को कई स्थानों पर अन्नूकूट पूजा के नाम से भी जाना जाता है। ब्रज क्षेत्र — मथुरा, वृंदावन, नंदगांव, गोकुल और बरसाना में इसका विशेष महत्व है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान कृष्ण ने बृजवासियों की रक्षा के लिए अपनी कनिष्ठा उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाया था।
शुभ मुहूर्त प्रतिपदा तिथि 21 अक्टूबर शाम 5:53 बजे से प्रारंभ होकर
22 अक्टूबर रात 8:15 बजे तक रहेगी।
उदयातिथि मान्य होने के कारण पूजा आज ही की जाएगी।
पूजा-विधि
प्रातः तेल मालिश कर स्नान करें और व्रत-संकल्प लें
आंगन या मुख्य द्वार पर गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाएं
पास में श्रीकृष्ण की प्रतिमा स्थापित कर 56 भोग लगाएं
परिवार सहित व्रत कथा सुनें और अंत में प्रसाद एवं सामूहिक भोजन करें
डॉ. मिश्र ने बताया कि इस पूजा के पीछे की कथा देवर्षि इंद्र का घमंड तोड़ने और बृजवासियों की रक्षा का प्रतीक मानी जाती है। इसलिए आज भी करोड़ों श्रद्धालु इस परंपरा को आस्था के साथ निभाते हैं।

