छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय में तैनात IG रतन लाल डांगी पर यौन शोषण का गंभीर आरोप। महिला ने सीधे DGP से मिलकर शिकायत सौंपी। मामला खुलते ही सियासत में हलचल — CM विष्णुदेव साय ने साफ कहा:
“आईजी हो या आईपीएस — कानून से बड़ा कोई नहीं, जांच होगी और दोषी पाए गए तो सख्त कार्रवाई।”
विवाद की जड़
शिकायतकर्ता के मुताबिक, साल 2017 में कोरबा SP रहते डांगी से संपर्क हुआ, सोशल मीडिया बातचीत से रिश्ता आगे बढ़ा। दंतेवाड़ा पोस्टिंग के दौरान महिला वीडियो कॉल पर योग सिखाती थी। बाद में “घर आना–जाना” तक मामला बढ़ा, यौन शोषण का आरोप लगा।
डांगी का पलटवार
सूत्रों के मुताबिक IG रतनलाल डांगी ने भी DGP को पत्र देकर महिला पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया है। हालांकि ब्लैकमेलिंग कैसे — इस पर अभी पुलिस ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा।
PHQ ने तुरंत एक्शन
मुख्यालय ने जांच के लिए दो वरिष्ठ IPS की टीम बनाई —
डॉ. आनंद छाबड़ा (2001 बैच)
मिलना कुर्रे (IPS)
यहीं से यह केस अब “व्यक्तिगत आरोप” नहीं बल्कि आधिकारिक जांच के दायरे में प्रवेश कर चुका है।
CM का सख्त संदेश
साय ने दो टूक कहा —
“कानून सबके लिए समान है, चाहे IG हो या IPS। जांच में आरोप सही निकले तो सख्त कार्रवाई होगी। सरकार न्यायिक प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर पक्षपात नहीं करेगी।”
कौन हैं रतनलाल डांगी?
— 2003 बैच IPS
— वर्तमान में पुलिस अकादमी चंद्रखुरी रायपुर के Director
