छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए आईईडी विस्फोट और माओवादी हमले से जुड़े मामले में 12 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है।
यह कार्रवाई 2023 में दंतेवाड़ा जिले के अरनपुर थाना क्षेत्र के पेद्का गांव के पास हुए आईईडी धमाके से जुड़ी है, जिसे माओवादियों की दरभा डिवीजन कमेटी ने अंजाम दिया था।
NIA का बयान:
एनआईए के मुताबिक, छापे प्रतिबंधित संगठन CPI (माओवादी) के सशस्त्र कैडरों से जुड़े संदिग्ध और आरोपितों के परिसरों में मारे गए।
तलाशी के दौरान एजेंसी ने बरामद किए:
नकदी
माओवादी पर्चे
हस्तलिखित दस्तावेज
लेवी वसूली की रसीद बुकें
डिजिटल उपकरण और आपत्तिजनक सामग्री
अब तक की कार्रवाई:
एनआईए अब तक इस केस में
27 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है
2 आरोपपत्र अदालत में दाखिल किए जा चुके हैं
गिरफ्तार आरोपितों में प्रमुख हैं:
धनेंद्र राम ध्रुव उर्फ गुरुजी
रामस्वरूप मरकाम
ये दोनों माओवादियों के सहयोगी बताए गए हैं और आईईडी विस्फोट में रसद व सामग्री उपलब्ध कराने में शामिल थे।
अन्य विस्फोट में भी भूमिका:
एनआईए की जांच में यह भी सामने आया है कि 17 नवंबर 2023 को गरियाबंद जिले के बड़ेगोबरा गांव में हुए एक अन्य विस्फोट में भी इनकी भूमिका रही।
यह धमाका उस समय हुआ जब मतदान दल और सुरक्षा बल का दल मतदान कार्य से लौट रहा था।
इस हमले में आईटीबीपी की 615 एडहॉक बटालियन के हेड कांस्टेबल वीरगति को प्राप्त हुए थे।
जांच जारी:
एनआईए ने कहा है कि माओवादियों के नेटवर्क और उनकी फंडिंग प्रणाली को ध्वस्त करने के लिए जांच जारी रहेगी।
एजेंसी आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां व जब्ती की कार्रवाई कर सकती है।
बस्तर क्षेत्र में माओवाद के खिलाफ यह कार्रवाई सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी सफलता मानी जा रही है। लगातार छापेमारी से माओवादियों की रसद आपूर्ति और नेटवर्क पर अब कड़ा प्रहार हुआ है।

