केंद्र सरकार जल्द ही तंबाकू उत्पादों पर बड़ा बदलाव करने जा रही है। खबर है कि सरकार 2026-27 के बजट में सिगरेट, बीड़ी और पान मसाला जैसे उत्पादों पर नया राष्ट्रीय आपदा आकस्मिक शुल्क (NCCD) या केंद्रीय सेस लगाने की तैयारी में है। इस कदम से तंबाकू उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है।
फिलहाल तंबाकू उत्पादों पर 40 फीसदी टैक्स लागू है, जो 31 दिसंबर 2025 तक प्रभावी रहेगा। इसके बाद केंद्र सरकार नए दरों की घोषणा कर सकती है, जिससे सिगरेट और बीड़ी जैसी वस्तुओं के दाम बढ़ सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार यह कदम इस उद्देश्य से उठाने जा रही है कि तंबाकू उत्पादों पर टैक्स का कुल बोझ कम न हो और जीएसटी ढांचे से बाहर रहकर इन पर अतिरिक्त सेस वसूला जा सके।
क्या है NCCD?
NCCD (National Calamity Contingent Duty) एक केंद्रीय शुल्क है, जिसे वित्त अधिनियम 2001 के तहत लागू किया गया था। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय आपदाओं से निपटने और राहत कार्यों के लिए धन जुटाना है। यह शुल्क केंद्र सरकार द्वारा वसूला जाता है।
जानकारों का कहना है कि अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो तंबाकू उत्पादों की कीमतें बढ़ने के साथ ही धूम्रपान करने वालों की जेब पर भी सीधा असर पड़ेगा।
👉 संक्षेप में:
सरकार 2026-27 बजट में नया NCCD या सेस लगा सकती है।
फिलहाल 40% टैक्स दर 31 दिसंबर 2025 तक लागू।
नए टैक्स से सिगरेट, बीड़ी, पान मसाला महंगे हो सकते हैं।
टैक्स से मिलने वाली राशि आपदा राहत कार्यों में इस्तेमाल होगी।

