रायपुर/दुर्ग।
दुर्ग जिले के छावनी थाना परिसर स्थित लाल मैदान की जमीन पर हुए कथित अतिक्रमण को लेकर अब बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सँयुक्त पुलिस कर्मचारी एवं परिवार कल्याण संघ के अध्यक्ष उज्जवल दीवान ने दुर्ग पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें सेवा से बर्खास्त करने की मांग की है।
दीवान का आरोप है कि पुलिस प्रशासन की जमीन पर अतिक्रमण होने के बावजूद एसपी द्वारा कार्रवाई न करना कई सवाल खड़े करता है। उनके अनुसार, अतिक्रमण से पूर्व पुलिस विभाग को लिखित रूप में 20 रुपए के स्टांप पेपर पर नोटिस दिया गया था, जिसमें स्पष्ट उल्लेख था कि यह जमीन भविष्य में पुलिस विभाग के निर्माण कार्यों के लिए आरक्षित है। इस दस्तावेज़ पर सीएसपी छावनी और थाना प्रभारी छावनी के हस्ताक्षर भी बताए जा रहे हैं।
“एसपी का मौन संदेह पैदा करता है” – उज्जवल दीवान
उज्जवल दीवान का कहना है कि जहां छोटी–छोटी गलती पर अधीनस्थ कर्मचारियों को कठोर दंड देने वाले एसपी विजय अग्रवाल अपने क्षेत्र में पुलिस की ही जमीन पर अतिक्रमण रोकने में असफल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि या तो एसपी की अतिक्रमणकारियों से साठगांठ है, या फिर उन पर किसी तरह का दबाव है।
दीवान ने कहा कि पुलिस जवानों के लिए आवास की उचित व्यवस्था नहीं है, ऐसे में पुलिस की जमीन पर कब्जा होना बेहद चिंता का विषय है। उन्होंने सवाल उठाया कि ज़मीन पर अतिक्रमण करने वालों और उन्हें अनुमति देने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
डीजीपी को पत्र, लेकिन कार्रवाई अब भी अधर में
दीवान ने इस मामले की शिकायत पुलिस महानिदेशक (DGP) से भी की है, जिसके बाद डीजीपी कार्यालय ने दुर्ग एसपी को आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र भेजा।
हालांकि, दीवान का आरोप है कि एसपी ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। उनका कहना है कि “जब आरोप खुद एसपी पर हों, तो वह अपने खिलाफ कार्रवाई कैसे करेंगे?”
“सेवा से बर्खास्त किया जाए” – संघ की मांग
उज्जवल दीवान ने राज्य सरकार से मांग की है कि इस अतिक्रमण प्रकरण में एसपी विजय अग्रवाल को तत्काल सेवा से बर्खास्त किया जाए, ताकि यह एक स्पष्ट उदाहरण बने और भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो।

