
रायपुर। डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा) के एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट ने मेडिकल साइंस में एक चमत्कारिक उपलब्धि दर्ज की है। पहली बार छत्तीसगढ़ और संभवतः सेंट्रल इंडिया में हार्ट के अंदर धंसी गोली निकालने का बेहद जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया है। गोली मरीज के राइट वेंट्रिकल में फंसी थी और उसकी जान सिर्फ कुछ मिनटों की मोहताज थी।
कैसे हुआ चमत्कार
महाराष्ट्र बॉर्डर क्षेत्र से गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को मेकाहारा के ट्रॉमा यूनिट में भर्ती कराया गया। सीटी स्कैन में पता चला कि गोली पीठ से प्रवेश कर पसलियों, फेफड़े और दिल को चीरते हुए हार्ट के दाएं हिस्से में जा फंसी थी। गोली की वजह से कार्डियक टैम्पोनेड की स्थिति बन गई थी, जिसमें बिना तुरंत सर्जरी के मौत लगभग तय होती है।
ऑपरेशन की सबसे कठिन चुनौती
हाई रिस्क और Death on Table कंसेंट के बाद मरीज को इमरजेंसी ओटी में शिफ्ट किया गया। हार्ट-लंग मशीन पर दिल की धड़कन रोककर ओपन हार्ट सर्जरी शुरू की गई। शुरुआत में TEE से गोली की सही लोकेशन दिखाई नहीं दी, तब डॉक्टरों ने डिजिटल मूवेबल एक्स-रे मशीन की मदद ली। कई प्रयासों के बाद 8mm×4mm की गोली की स्थिति निर्धारित की गई।
4 घंटे की सर्जरी, 7 यूनिट ब्लड, जीत गई जिंदगी
लगभग चार घंटे चले जटिल ऑपरेशन में हार्ट की मांसपेशियों, फेफड़ों और पल्मोनरी आर्टरी की सूक्ष्म मरम्मत की गई। आखिरकार डॉक्टरों की टीम ने दिल के अंदर मौजूद गोली सुरक्षित तरीके से निकाल ली। यह केस त्वरित निर्णय क्षमता, आधुनिक तकनीक और टीमवर्क का अद्भुत उदाहरण बना।
अब मरीज सुरक्षित, जल्द मिलेगा डिस्चार्ज
पोस्ट-ऑपरेशन मरीज पूरी तरह सुरक्षित है और तेजी से रिकवरी कर रहा है। कुछ दिनों में उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।
डीन और अधीक्षक ने की सराहना
डॉ. विवेक चौधरी, डीन ने कहा—
“हर बार की तरह इस बार भी मेकाहारा की टीम ने जोखिम उठाते हुए मरीज की जान बचाकर अद्भुत उदाहरण पेश किया है।”
डॉ. संतोष सोनकर, अधीक्षक ने कहा—
“कठिन परिस्थितियों में भी यह टीम हर बार असंभव को संभव कर दिखाती है।”
ऑपरेशन में शामिल टीम
हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जन: डॉ. कृष्णकांत साहू
कार्डियक एनेस्थेटिस्ट: डॉ. संकल्प दीवान, डॉ. बालस्वरूप
परफ्यूशनिस्ट: अंकिता, डिगेश्वर
चीफ सर्जिकल सपोर्ट: सर्जरी पीजी डॉ. रेशम सिंह
एनेस्थीसिया टेक्नीशियन: भूपेंद्र, हरीश
नर्सिंग एवं OT सपोर्ट टीम: राजेंद्र, चोवा, दुष्यंत, मुनेश, प्रियंका, जागृति, तेजेंद्र, नरेंद्र, शिवा
फिजिशियन असिस्टेंट: नूतन
जूनियर डॉक्टर: डॉ. संजय त्रिपाठी, डॉ. ख्याति, डॉ. आयुषी खरे
यह सफल सर्जरी सिर्फ एक मेडिकल घटना नहीं बल्कि मेकाहारा की विशेषज्ञता, तकनीक और मानवीय संवेदना का असाधारण उदाहरण बन गई है।

