रायगढ़। जिंदल पावर एंड स्टील लिमिटेड की जमीन को फर्जी दस्तावेजों के जरिए बेचने के मामले में घरघोड़ा के पूर्व एसडीएम अशोक कुमार मार्बल और पटवारी परमेश्वर नेताम मुश्किल में पड़ गए हैं। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी घरघोड़ा ने दोनों सरकारी अधिकारियों सहित चार लोगों पर धोखाधड़ी और दस्तावेज़ कूटरचना का आपराधिक मामला दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
यह मामला वर्ष 2018 का है, जिसमें ग्राम झींकाबहाल की भूमि (खसरा नंबर 208, रकबा 0.773 हेक्टेयर) जो जिंदल पावर एंड स्टील लिमिटेड के नाम दर्ज थी, उसे कथित रूप से सरकारी अभिलेखों में छेड़छाड़ कर अन्य व्यक्ति के नाम कर दिया गया। आरोप है कि एसडीएम अशोक कुमार मार्बल और पटवारी परमेश्वर नेताम ने सरकारी रिकॉर्ड में हेराफेरी कर जमीन के स्वामी के रूप में बिहारी पटेल का नाम दर्ज कराया और उसके नाम पर ऋण पुस्तिका क्रमांक P-1318403 जारी की।
इन्हीं कूटरचित दस्तावेज़ों के आधार पर 23 जनवरी 2018 को बिहारी पटेल ने जमीन 11 लाख 84 हजार रुपये में लैलूंगा के व्यवसायी अशोक कुमार अग्रवाल को बेच दी और रजिस्ट्री भी कराई। लेकिन जब खरीदार ने 15 सितंबर 2023 को ऑनलाइन दस्तावेज़ निकाले, तो भूमि जिंदल पावर की जगह किसी और के नाम दर्ज मिली। इसके बाद मामले की जांच में सामने आया कि 2017 के राजस्व रिकॉर्ड में यह जमीन जिंदल पावर लिमिटेड के नाम पर थी और कभी भी विक्रेता बिहारी पटेल के नाम दर्ज नहीं रही।
पीड़ित ने पहले थाना लैलूंगा में शिकायत की, लेकिन FIR दर्ज नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक कुमार मिश्रा और आशीष कुमार मिश्रा ने पीड़ित की ओर से पैरवी की।
सबूतों और सुनवाई के आधार पर न्यायिक दंडाधिकारी दामोदर प्रसाद चंद्रा ने आठ पृष्ठों का आदेश जारी करते हुए पूर्व एसडीएम अशोक कुमार मार्बल, पटवारी परमेश्वर नेताम, विक्रेता बिहारी पटेल और गवाह सुरेंद्र गुप्ता के खिलाफ IPC की धारा 420, 419, 467, 468, 471 और 120-बी के तहत अपराध पंजीबद्ध करने और मामले की जांच कर चार्जशीट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
इस आदेश के बाद अब राजस्व विभाग और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा हुआ है। मामला अब पुलिस जांच के बाद आगे बढ़ेगा।

