दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 2-0 की करारी हार के बाद भारतीय क्रिकेट टीम और हेड कोच गौतम गंभीर आलोचनाओं के घेरे में हैं। टीम के प्रदर्शन को लेकर पूर्व कप्तान और दिग्गज ऑलराउंडर कपिल देव ने बड़ा बयान दिया है।
भारत को हाल ही में दक्षिण अफ्रीका से टेस्ट सीरीज में मिली हार ने यह सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या विराट कोहली, रोहित शर्मा और रविचंद्रन अश्विन जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के बाद टेस्ट टीम सही दिशा में जा रही है?
“द्रविड़-लक्ष्मण जैसे बल्लेबाज अब नहीं” — कपिल देव
कपिल देव ने कहा कि भारत की घरेलू क्रिकेट और लिमिटेड ओवरों के दबदबे ने खिलाड़ियों की बल्लेबाजी तकनीक को प्रभावित किया है।
उन्होंने कहा:
“हम T20 और ODI में इतने व्यस्त हैं कि बल्लेबाज मुश्किल पिचों पर टिककर खेलने की क्षमता खोते जा रहे हैं। आपके पास अब द्रविड़ और लक्ष्मण जैसे बल्लेबाज नहीं हैं, जो मुश्किल हालात में क्रीज़ पर टिके रहते थे। टेस्ट क्रिकेट में रन बनाना नहीं बल्कि टिकना पहली कला है।”
कपिल देव के मुताबिक टेस्ट क्रिकेट में धैर्य और फुटवर्क की अहम भूमिका होती है, जिसे मौजूदा टीम लगातार मिस कर रही है।
ऋषभ पंत पर भी टिप्पणी
कपिल देव ने ऋषभ पंत के खेलने के तरीके पर भी बात की और साफ कहा कि उनसे डिफेंसिव खेल की उम्मीद नहीं की जा सकती।
उन्होंने कहा:
“ऋषभ पंत नैचुरल हिटर हैं। वो 100 गेंदों में 20 रन बनाने वाले बल्लेबाज नहीं हैं। जब वो छक्का मारते हैं तो पूरा स्टेडियम उठ जाता है। आप उनसे नहीं कह सकते कि छक्के मत लगाओ, वो मैच की दिशा पलट सकते हैं।”
गौतम गंभीर की कोचिंग पर सवाल
सीरीज हार के बाद क्रिकेट फैंस और एक्सपर्ट्स अब गंभीर की टेस्ट स्ट्रैटेजी पर सवाल उठा रहे हैं। कई दिग्गजों का कहना है कि टीम इंडिया को अभी भी युवा खिलाड़ियों में टेस्ट माइंडसेट विकसित करने की जरूरत है।
अब सवाल यह है कि क्या आने वाली सीरीज में भारतीय टीम वापसी कर पाएगी या टेस्ट क्रिकेट में गिरावट का यह सिलसिला जारी रहेगा?

