ग़ज़ा युद्ध: हमास का दावा—70 हज़ार से ज़्यादा फ़लस्तीनी मारे गए

ग़ज़ा युद्ध: हमास का दावा—70 हज़ार से ज़्यादा फ़लस्तीनी मारे गए

ग़ज़ा में जारी संघर्ष के बीच हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि अब तक इसराइली हमलों में 70,000 से ज़्यादा फ़लस्तीनी मारे जा चुके हैं। मंत्रालय के अनुसार मरने वालों की कुल संख्या अब 70,100 तक पहुंच गई है, जिसमें 350 से अधिक मौतें 10 अक्तूबर को लागू युद्धविराम के बाद दर्ज हुई हैं।

इधर इसराइल का कहना है कि युद्धविराम के बावजूद हमास की ओर से हमले किए गए, जिसके चलते उसकी सेना ने जवाबी कार्रवाई में कई हवाई और ड्रोन हमले किए।

नवीनतम घटना में शनिवार को हुए ड्रोन हमले में एक ही परिवार के दो भाई—फदी और जुमा अबू अस्सी—की मौत हो गई। परिवार ने बताया कि हमले के समय वे लकड़ी इकट्ठा कर रहे थे।

इसराइल डिफ़ेंस फ़ोर्सेज़ (IDF) का कहना है कि सेना ने उन दो संदिग्धों को निशाना बनाया था, जिन्होंने वह “येलो लाइन” पार की थी, जिसके आगे न जाने पर पहले सहमति बनी थी।

ग़ौरतलब है कि यह युद्धविराम अमेरिका की मध्यस्थता से सात सप्ताह पहले लागू किया गया था, लेकिन इसके बावजूद दोनों पक्षों के बीच तनाव और हमले जारी हैं।

संघर्ष की पृष्ठभूमि

7 अक्तूबर 2023 को हमास ने इसराइल पर हमला किया था, जिसमें करीब 1,200 लोगों की मौत हुई और 251 लोगों को बंधक बना लिया गया था।

इसके बाद इसराइल ने ग़ज़ा में बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू किया, जो अब तक जारी है।

अंतरराष्ट्रीय संगठनों और मानवाधिकार समूहों ने बढ़ती मौतों पर चिंता जताई है और तत्काल मानवीय हस्तक्षेप की मांग की है।

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