छुईखदान में सीमेंट फैक्ट्री के खिलाफ बवाल, 39 गांवों के ग्रामीणों का उग्र प्रदर्शन, पुलिस का लाठीचार्ज

छुईखदान में सीमेंट फैक्ट्री के खिलाफ बवाल, 39 गांवों के ग्रामीणों का उग्र प्रदर्शन, पुलिस का लाठीचार्ज

खैरागढ़।
छुईखदान संडी में प्रस्तावित सीमेंट फैक्ट्री के विरोध में ग्रामीणों का आंदोलन शनिवार को हिंसक रूप में बदल गया। जनसुनवाई रद्द करने की मांग को लेकर 39 गांवों के 5,000 से अधिक ग्रामीण सुबह से जत्थों में खैरागढ़ पहुंचे और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। भीड़ की संभावना को देखते हुए शहर में पुलिस ने पहले ही सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए थे। प्रशासनिक दफ्तरों और मुख्य चौक-चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा।


महिलाएं लौटीं, पुरुष देर रात तक डटे रहे

ज्ञापन सौंपने के बाद भी ग्रामीण दिनभर विरोध स्थल पर जमे रहे। शाम ढलने के बाद महिलाएं गांव लौट गईं, लेकिन पुरुषों का जमावड़ा लगातार बढ़ता गया। इसी दौरान कुछ युवकों के उग्र होने पर माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस ने समझाइश की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं थे। स्थिति बिगड़ते देख ग्रामीणों और पुलिस के बीच बहस और नोक-झोंक शुरू हो गई।


एसपी मौके पर पहुंचे, भीड़ नहीं मानी

हालात गंभीर होते देख पुलिस अधीक्षक लक्ष्य शर्मा खुद मौके पर पहुंचे और बातचीत की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों ने उनकी बात सुनने से इंकार कर दिया। जय स्तंभ चौक पर हजारों की भीड़ जमा होने से पुलिस को हालात संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।


घंटों चक्काजाम, यातायात ठप

प्रदर्शन के चलते राजनांदगांव–खैरागढ़–कवर्धा मुख्य मार्ग कई घंटों तक जाम रहा। वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।


तनाव बढ़ा तो पुलिस ने किया लाठीचार्ज

लगातार बढ़ते तनाव और भीड़ को नियंत्रित करने में असमर्थता के बाद पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया। इसके बाद प्रदर्शनकारी तितर-बितर हो गए, लेकिन विरोध की चेतावनी देते हुए ग्रामीणों ने साफ कहा कि जब तक सीमेंट फैक्ट्री की योजना वापस नहीं ली जाती—आंदोलन जारी रहेगा।


ग्रामीणों की मांग स्पष्ट

ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्ट्री लगने से खेत, जलस्रोत और वातावरण प्रभावित होगा। उनका कहना है कि वे गांवों की जमीन, स्वास्थ्य और पर्यावरण के साथ समझौता नहीं करेंगे।


अगले कुछ दिनों में प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बातचीत होने की संभावना है, लेकिन हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं।

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