– नई दिल्ली के कथित हनी ट्रैप विवाद में नाम आने के बाद, उसी तर्ज में पहली बार छत्तीसगढ़ मे एस के सामने आया है। पिडित महिला डीएसपी कल्पना वर्मा इस पूरे विवाद को सोची-समझी साजिश करार दिया है।
– डीएसपी वर्मा ने सीधे व्यवसायी दीपक टंडन का नाम लेते हुए कहा कि—
“मेरी छवि खराब करने के लिए ये सब किया जा रहा है। मेरे खिलाफ कोई सबूत नहीं, सब आरोप फ़र्ज़ी और निराधार हैं।”
पिता के विवाद में मेरा नाम घसीटा गया
डीएसपी वर्मा के मुताबिक, यह विवाद उनके पिता और दीपक टंडन के बीच बकाया रकम को लेकर है। दीपक टंडन की पत्नी बरखा टंडन ने भुगतान के लिए जो चेक दिया था, वह बाउंस हो चुका है, और यह मामला पहले से न्यायालय में लंबित है।
उन्होंने आरोप लगाया:
“न्यायिक प्रक्रिया से बचने और खुद पर लगे आरोपों को दबाने के लिए टंडन दंपति मेरे नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं।”
दीपक टंडन पर एक और बड़ा खुलासा — ₹50 लाख ठगी का पुराना केस
सूत्रों के मुताबिक, दीपक टंडन पर पहले भी 2018 में ₹50 लाख की ठगी का आरोप है। ये रकम आबकारी विभाग से कथित तौर पर कार्टन उठवाने के व्यवसाय में मदद के नाम पर ली गई थी, लेकिन न काम मिला, न पैसे लौटे।
महादेव ऐप से लिंक आने के बाद बदल गई दिशा
अब खुलासा हुआ है कि दीपक टंडन का नाम महादेव सट्टा ऐप नेटवर्क से जुड़ा है। इस जानकारी के सामने आने के बाद पूरा मामला उल्टा पड़ता दिखाई दे रहा है।
अब सवाल आरोप लगाने वाली डीएसपी पर नहीं, बल्कि टंडन दंपति पर उठने लगे हैं।
DSP ने किया ऐलान — अब कोर्ट में जवाब देंगे सब
कल्पना वर्मा ने साफ कहा:
“मेरी निजी तस्वीरें सोशल मीडिया से चोरी कर फर्जी चैट बनाई गई है। यह साइबर क्राइम है। मैं अब अदालत की शरण में जाऊंगी।”
उन्होंने आगे कहा:
“जो मीडिया चैनल और सोशल पेज इस फर्जी खबर को फैलाने में लगे हैं, उन्हें मैं धारा 500 (मानहानि) और क्रिमिनल एक्शन के तहत नोटिस भेजने जा रही हूं।”
सरकार से मांग — टंडन दंपति की पूरी आर्थिक जांच हो
डीएसपी ने राज्य सरकार और जांच एजेंसियों से मांग की है सभी बैंक अकाउंट डिजिटल लेनदेन महादेव ऐप से संभावित लिंक ठगी मामलों की जांच तुरंत शुरू की जाए।
इस मामले ने छत्तीसगढ़ की पुलिस व्यवस्था, कारोबार और साइबर अपराध गैंग के कनेक्शन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बड़े खुलासे अभी बाकी होने की आशंका है।
अब पूरा मामला अदालत, साइबर जांच और आर्थिक अपराध शाखा के हाथ में है।

