थर्ड बटालियन अमलेश्वर का जवान नवदीप पांडे गंभीर आरोपों के साथ सामने आया—कमांडेंट पर ट्रांसफर-पोस्टिंग के लिए पैसे मांगने का आरोप, 6 माह में 4 बार ट्रांसफर से परेशान होकर वीडियो जारी किया

थर्ड बटालियन अमलेश्वर का जवान नवदीप पांडे गंभीर आरोपों के साथ सामने आया—कमांडेंट पर ट्रांसफर-पोस्टिंग के लिए पैसे मांगने का आरोप, 6 माह में 4 बार ट्रांसफर से परेशान होकर वीडियो जारी किया

अमलेश्वर।
छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की तीसरी बटालियन में पदस्थ जवान नवदीप पांडे ने अपने वरिष्ठ अधिकारी कमांडेंट मेघा टेम्भूरकर पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर जारी किया है। जवान का आरोप है कि उनसे ट्रांसफर और पोस्टिंग के बदले पैसे मांगे गए, और पैसा नहीं देने पर उन्हें लगातार प्रताड़ित किया गया।

नवदीप पांडे का कहना है कि वे पिछले छह महीनों में चार बार ट्रांसफर किए जा चुके हैं। उन्होंने कई बार विभाग को आवेदन दिए, लेकिन न तो कार्रवाई हुई और न ही उनके आवेदन की पावती देने को कंपनी कमांडर और हवलदार तैयार हुए।

जवान का कहना है कि अधिकारियों की प्रताड़ना से वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हैं और मजबूर होकर उन्होंने संयुक्त पुलिस कर्मचारी एवं परिवार कल्याण संघ के अध्यक्ष उज्जवल दीवान से न्याय की गुहार लगाई है।

जवान के आरोपों ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम जनता द्वारा पुलिस पर रिश्वतखोरी के आरोप लगना सामान्य बात है, लेकिन अब विभाग के ही कर्मचारी द्वारा अपने अधिकारी पर आरोप लगाना गंभीर मामला माना जा रहा है।

अब सभी की नजरें राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साईं और गृह मंत्री विजय शर्मा पर हैं कि वे जवान की शिकायत पर क्या कदम उठाते हैं—क्या भ्रष्टाचार के आरोपों पर कार्रवाई होगी या फिर उल्टा जवान ही जांच का शिकार बनेगा।

यह मामला सुशासन के दावों के बीच पुलिस विभाग के भीतर मौजूद चुनौतियों को उजागर करता है।

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