बिलासपुर। जिले की मतदाता सूची को साफ-सुथरा और त्रुटिहीन बनाने के लिए चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। जिला निर्वाचन विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक बिलासपुर जिले की वोटर लिस्ट से 3 लाख 65 हजार 869 नाम विलोपन की श्रेणी में पाए गए हैं। इनमें मृत, लापता और स्थायी रूप से अन्य स्थानों पर शिफ्ट हो चुके मतदाता शामिल हैं।
जिले में कुल 16.75 लाख मतदाता दर्ज हैं, जिनमें से 13.09 लाख नामों का ही सत्यापन अब तक सही ढंग से हो पाया है। शेष नामों में बड़ी संख्या में बोगस और अपात्र मतदाताओं की पहचान की गई है, जिन्हें सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सर्वे में सबसे बड़ी चुनौती
घर-घर जाकर हुए सत्यापन के दौरान प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह रही कि मतदाता अपने दर्ज पते पर वास्तव में रहते हैं या नहीं। जांच में सामने आया कि
1,04,200 मतदाता एब्सेंट या लापता पाए गए,
1,70,019 मतदाता स्थायी रूप से दूसरे क्षेत्रों में शिफ्ट हो चुके हैं,
जबकि 71,752 मतदाता ऐसे हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है, लेकिन नाम अब भी वोटर लिस्ट में दर्ज थे।
शहरी क्षेत्र की हालत सबसे खराब
विधानसभा-वार स्थिति पर नजर डालें तो बिलासपुर शहरी विधानसभा में हालात सबसे ज्यादा चिंताजनक पाए गए। यहां करीब 35 प्रतिशत नामों में गड़बड़ी सामने आई है। वहीं कोटा विधानसभा की मतदाता सूची जिले में सबसे बेहतर पाई गई।
दो बार बढ़ी अभियान की समय-सीमा
मतदाता सूची शुद्धिकरण अभियान की गंभीरता को देखते हुए निर्वाचन विभाग को इसकी समय-सीमा दो बार बढ़ानी पड़ी। पहले अंतिम तिथि 4 दिसंबर तय की गई थी, जिसे सत्यापन अधूरा रहने के कारण पहले 11 दिसंबर और फिर बढ़ाकर 18 दिसंबर किया गया।
प्रशासन का कहना है कि बीएलओ द्वारा किए गए इस व्यापक सत्यापन के बाद फर्जी वोटिंग की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी और आगामी चुनावों में एक पारदर्शी और विश्वसनीय मतदाता सूची तैयार होगी।
SIR रिपोर्ट के प्रमुख आंकड़े
मृत वोटर: 71,752 (विलोपन की तैयारी)
लापता/एब्सेंट: 1,04,200
शिफ्टेड वोटर: 1,70,019
कुल संदिग्ध नाम: 3,65,869
निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अंतिम सूची जारी होने से पहले सभी आपत्तियों और दावों का निपटारा नियमानुसार किया जाएगा।

