रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने संसद में उठाया कोचिंग संस्थानों की फीस-ट्रैप का मुद्दा

रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने संसद में उठाया कोचिंग संस्थानों की फीस-ट्रैप का मुद्दा

– देशभर के छात्रों को निजी कोचिंग संस्थानों की मनमानी से बचाने के लिए रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने संसद में नियम 377 के तहत यह मुद्दा उठाया।

– रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्र सरकार से मांग की कि कोचिंग सेंटरों द्वारा अपनाई जा रही “फीस-ट्रैप” की प्रथा को समाप्त किया जाए और शिक्षा मंत्रालय की ‘गाइडलाइंस 2024’ का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि आईआईटी, एनआईटी, एम्स और यूपीएससी जैसी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले कई संस्थान छात्रों से एकमुश्त भारी फीस वसूलते हैं। गरीब, ग्रामीण और मध्यम वर्गीय परिवार कर्ज लेकर या संपत्ति बेचकर यह राशि चुकाते हैं, लेकिन असंतोष की स्थिति में फीस रिफंड नहीं मिलती, जिससे छात्र और अभिभावक मानसिक उत्पीड़न का शिकार होते हैं।

उन्होंने सरकार से प्रमुख मांगें कीं—बीच में कोचिंग छोड़ने पर 10 दिनों के भीतर फीस रिफंड अनिवार्य किया जाए, विवाद निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक निवारण सेल गठित हों और गाइडलाइंस 2024 का कड़ाई से पालन कराया जाए।

उन्होंने कहा कि रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और रायगढ़ जैसे शहर कोचिंग हब बन रहे हैं, ऐसे में छात्रों के हितों की रक्षा अत्यंत आवश्यक है।

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