कोटद्वार में 26 जनवरी को कपड़ों की दुकान के नाम को लेकर हुए विवाद के बाद एक जिम ट्रेनर और एक बुज़ुर्ग दुकानदार देशभर में चर्चा का विषय बन गए थे। सोशल मीडिया, सड़कों और राजनीतिक बहसों तक यह मामला गूंजता रहा, लेकिन घटना के बाद दोनों आमने-सामने नहीं आए थे।
अब पहली बार दीपक कश्यप, जिन्होंने उस दिन अपना नाम ‘मोहम्मद दीपक’ बताया था, और दुकानदार वकील अहमद बातचीत के लिए साथ आए।
खास बात यह रही कि यह मुलाकात दीपक के जन्मदिन के दिन हुई। दीपक ने कहा कि वकील अहमद को स्वस्थ देखकर उन्हें सुकून मिला और यह उनके लिए एक यादगार दिन बन गया।
दीपक ने साफ कहा कि अगर भविष्य में फिर ऐसी स्थिति आती है तो वह वही करेंगे जो उस दिन किया था—इंसानियत के पक्ष में खड़े होंगे। वहीं वकील अहमद का मानना है कि अगर उस दिन दीपक बीच में न आते तो हालात किस दिशा में जाते, यह सोचना भी बेचैन कर देता है।
दोनों ने अपने सपनों के भारत की तस्वीर साझा की, जहाँ धर्म से पहले इंसानियत हो और लोग एक-दूसरे के साथ सम्मान से रहें। बातचीत के अंत में दीपक ने कहा कि वह आगे भी वकील अहमद से मिलते रहेंगे, क्योंकि बुज़ुर्गों का आशीर्वाद ज़िंदगी की सबसे बड़ी पूँजी होता है।

