“हथियार छोड़ो, मुख्यधारा में आओ — सरकार बिछाएगी रेड कारपेट”
रायपुर में आयोजित एक विशेष कॉन्क्लेव में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति बहाली के लिए बड़ा और संवेदनशील संदेश दिया। उन्होंने साफ कहा कि भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार किसी पर भी गोली नहीं चलाना चाहती, बल्कि माओवादियों को मुख्यधारा में लौटते देखना चाहती है।
गृह मंत्री ने घोषणा की कि जो भी माओवादी हथियार डालकर आत्मसमर्पण करेंगे, उनके लिए सरकार “रेड कारपेट” बिछाएगी और पुनर्वास के लिए हरसंभव सहायता दी जाएगी।
हाथ जोड़कर की युवतियों से अपील
अमित शाह उस वक्त भावुक नजर आए जब उन्होंने हथियार उठाने वाली युवतियों का जिक्र किया। उन्होंने हाथ जोड़कर कहा:
“जो बच्चियां हाथ में बंदूक लेकर खड़ी हैं, उनसे विशेष रूप से प्रार्थना करता हूं — अब जरूर सरेंडर कर जाइए। हिंसा की इस राह में कुछ नहीं रखा है। आपके लिए आगे एक गरिमामय और सुरक्षित जीवन इंतजार कर रहा है।”
उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार इन बेटियों को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान के साथ समाज में फिर से स्थापित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
विकास की राह का रोड़ा है माओवादी विचारधारा
गृह मंत्री ने कहा कि माओवादी विचारधारा पिछले साढ़े चार दशकों से विकास के मार्ग पर “नाग की तरह फन फैलाकर” बैठी रही, जिससे बस्तर और आसपास के इलाके पिछड़ गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि:
प्राथमिक स्कूल जलाए गए ताकि दो पीढ़ियां अनपढ़ रहें
स्वास्थ्य केंद्र और पीएससी बंद कर आदिवासियों के अधिकार छीने गए शाह ने कहा कि अब इन क्षेत्रों में:
बैंक खाते
राशन कार्ड
पक्के मकान
युद्ध स्तर पर बनाए जा रहे हैं।
31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के पूर्ण सफाए का संकल्प
देश की सुरक्षा रणनीति साझा करते हुए अमित शाह ने ऐतिहासिक डेडलाइन तय की:
“देश का 90% हिस्सा नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है।
अब 31 मार्च 2026 से पहले पूरे भारत से माओवाद को जड़ से खत्म कर दिया जाएगा।”
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक राजनीति में कम्युनिस्ट विचारधारा सिमट चुकी है और अब उसे ढूंढने के लिए दूरबीन लगानी पड़ती है।
विकसित छत्तीसगढ़, विकसित भारत का आधार
अमित शाह ने छत्तीसगढ़ को प्रभु श्रीराम का ननिहाल बताते हुए इसे पूरे देश के लिए “शुभंकर राज्य” बताया। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत का सपना छत्तीसगढ़ के बिना अधूरा है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि:
7 लाख हेक्टेयर सिंचाई परियोजना
नई रेल लाइनों का विस्तार
जैसे बड़े कदम राज्य को देश का नंबर-1 राज्य बनाने की दिशा में उठाए जा रहे हैं।
