*जहां मिलेंगे बाबू-सोना, तोड़ देंगे शरीर का कोना-कोना, वैलेंटाइन-डे पर हिंदू संगठनों की धमकी*
दुनियाभर में 14 फरवरी को Valentine’s Day प्रेम और भावनाओं के इजहार के दिन के रूप में मनाया जाता है। लेकिन राजधानी Raipur में इस बार भी यह दिन विवादों के साये में है।
कुछ हिंदू संगठनों ने वैलेंटाइन डे का विरोध करते हुए चेतावनी दी है कि सार्वजनिक स्थानों पर “अशोभनीय” तरीके से जश्न मनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे बयानों में कड़ी भाषा का इस्तेमाल किया गया है, जिससे युवाओं में असमंजस की स्थिति बन गई है।
दो खेमों में बंटा शहर
हर साल की तरह इस बार भी शहर दो हिस्सों में बंटा नजर आ रहा है—
एक तरफ पार्क, गार्डन और कैफे में गुलाब और गिफ्ट के साथ प्रेम का इजहार करने वाले युवा, तो दूसरी ओर इसे भारतीय संस्कृति पर पाश्चात्य प्रभाव बताकर विरोध करने वाले संगठन।
विरोध करने वालों का कहना है कि यह भारतीय परंपराओं के खिलाफ है, जबकि युवाओं का तर्क है कि प्रेम व्यक्त करना व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हिस्सा है।
पुलिस अलर्ट मोड पर
संभावित टकराव की आशंका को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पेट्रोलिंग तेज कर दी गई है।
‘लट्ठ पूजन’ बनाम ‘रोज डे’
शहर में जहां एक ओर गुलाब के फूलों की बिक्री बढ़ी है, वहीं कुछ संगठनों द्वारा सांकेतिक विरोध और ‘लट्ठ पूजन’ जैसे कार्यक्रमों की भी तैयारी की खबरें हैं। सोशल मीडिया पर भी #ValentinesDay को लेकर बहस तेज है।
प्रेम या प्रहार?
सवाल वही है—क्या वैलेंटाइन डे प्रेम का उत्सव है या भारतीय संस्कृति पर प्रहार?
राजधानी में फिलहाल माहौल शांत है, लेकिन धमकियों के बीच प्रेमी जोड़े असमंजस में हैं कि वे इस दिन को खुलेआम मनाएं या सतर्कता बरतें।
अब देखना होगा कि रायपुर में यह दिन प्रेम के रंग में रंगेगा या फिर विरोध की आंच में तपेगा।

