विधानसभा में गिग वर्करों का मुद्दा गूंजा, श्रम कानून बनाने की मांग

विधानसभा में गिग वर्करों का मुद्दा गूंजा, श्रम कानून बनाने की मांग

छत्तीसगढ़ विधानसभा में भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने प्रदेश में गिग वर्करों के लिए श्रम कानून बनाए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि स्विगी, जोमैटो, ब्लिंकिट और रैपिडो जैसी गिग आधारित कंपनियां प्रदेश में कितनी संख्या में कार्यरत हैं, इन्हें अनुमति देने की प्रक्रिया क्या है और राज्य में कुल कितने गिग वर्कर काम कर रहे हैं।

इस पर उद्योग मंत्री लखनलाल चौधरी ने जवाब देते हुए कहा कि स्विगी, जोमैटो, ब्लिंकिट और रैपिडो जैसी कंपनियां राज्य में औपचारिक रूप से कार्यरत नहीं हैं। गिग वर्करों की सामाजिक सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा मंडल गठन का प्रावधान किया गया है।

अजय चंद्राकर ने कहा कि यदि इन कंपनियों को अधिनियमित किया जाए तो हजारों युवाओं को रोजगार और नौकरी की सुरक्षा मिल सकती है। उन्होंने गिग वर्करों को शोषण से बचाने के लिए स्पष्ट नियम बनाने की मांग की।

मंत्री चौधरी ने बताया कि इस विषय पर अध्ययन के लिए समिति गठित की गई है और प्रक्रिया जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल किसी राज्य में गिग वर्करों के लिए अलग अधिनियम लागू नहीं है।

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