नक्सलवाद पर विजय – बस्तर में शांति का नया अध्याय

नक्सलवाद पर विजय – बस्तर में शांति का नया अध्याय

– 31 मार्च 2026
छत्तीसगढ़ में लंबे समय से चली आ रही नक्सलवाद की समस्या अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। राज्य के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने हाल ही में बड़ा बयान देते हुए कहा है कि बस्तर क्षेत्र में सशस्त्र नक्सलवाद समाप्त हो चुका है और राज्य पूरी तरह शांति की ओर बढ़ रहा है।

– क्या कहा विजय शर्मा ने?

उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट तौर पर कहा कि “पांच दशकों से चली आ रही नक्सल समस्या को बीते दो वर्षों में निर्णायक रूप से खत्म करने की दिशा में बड़ी सफलता मिली है।”

उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई नक्सली संवाद करना चाहता है, तो सरकार बातचीत के लिए तैयार है।

नक्सलवाद खत्म होने के पीछे क्या रहा खास?

. सरकार का दृढ़ संकल्प
राज्य और केंद्र सरकार ने मिलकर नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने का लक्ष्य तय किया।

. सुरक्षा बलों की बड़ी भूमिका

Central Reserve Police Force (CRPF), Border Security Force (BSF) और राज्य पुलिस के जवानों के साहस और रणनीति से लगातार ऑपरेशन सफल हुए।

. इंटेलिजेंस नेटवर्क मजबूत

पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर सटीक कार्रवाई की गई, जिससे नक्सली गतिविधियों को भारी नुकसान पहुंचा।

. जनता का समर्थन

बस्तर की जनता ने ठान लिया कि अब नक्सलवाद को खत्म करना है। स्थानीय लोगों के सहयोग से सुरक्षा बलों को बड़ी मदद मिली।

पुनर्वास बना सबसे बड़ा हथियार
अक्टूबर 2025 में 210 नक्सलियों का पुनर्वास
पिछले 2 वर्षों में 3000+ नक्सलियों ने मुख्यधारा में वापसी की
अब भी पुनर्वास का रास्ता खुला है
कोंडागांव, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और कांकेर जैसे जिलों में पुनर्वास अभियान को व्यापक सफलता मिली।

जागरूकता और विश्वास की पहल
बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों से युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ा गया
ऑल इंडिया रेडियो के माध्यम से संवाद और जागरूकता बढ़ाई गई
अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खुद अपील कर नक्सलियों को हथियार छोड़ने का आह्वान किया

विपक्ष के आरोप और जवाब
विपक्ष द्वारा लगाए गए फर्जी एनकाउंटर के आरोपों पर सरकार ने कहा कि नक्सलियों के खुद के पत्रों से पुष्टि हुई है कि मारे गए लोग उनके ही सदस्य थे।

अब बस्तर में क्या बदला?
नक्सलियों की संख्या घटकर 25–30 के आसपास
गांवों में फिर से सामान्य जीवन
लोग खुले दिल से हंसते और विकास की ओर बढ़ते दिखाई दे रहे हैं

छत्तीसगढ़ का बस्तर, जो कभी नक्सलवाद का गढ़ माना जाता था, आज शांति और विकास की नई कहानी लिख रहा है। सरकार, सुरक्षा बलों और जनता के संयुक्त प्रयासों ने यह संभव किया है।

Uncategorized