भाठागांव से जुड़े विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में ब्रम्हा सोनकर द्वारा की गई प्रेस वार्ता पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत भूषण सिंह ठाकुर और कौशल सोनकर ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने इसे भ्रामक, निराधार और व्यक्तिगत स्वार्थ से प्रेरित बताया है।
जारी बयान में दोनों ने कहा कि यह पूरा मामला जनहित से जुड़ा नहीं है, बल्कि कथित तौर पर ब्लैकमेलिंग और अवैध वसूली के दबाव का परिणाम है। उनका आरोप है कि ब्रम्हा सोनकर और उनके सहयोगी दीपक सिंह लोगों पर लगातार पैसों का दबाव बनाते हैं, और जो व्यक्ति पैसा देने से मना करता है, उसके खिलाफ इस तरह के झूठे आरोप लगाए जाते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां लंबे समय से जारी हैं, जिससे आम नागरिकों में भय का माहौल बन रहा है। उनके अनुसार, यह कृत्य गंभीर अपराध की श्रेणी में आते हैं और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
बयान में यह भी उल्लेख किया गया है कि ब्रम्हा सोनकर से जुड़े पुराने मामलों में भी विवाद सामने आ चुके हैं। पुरानी बस्ती क्षेत्र में जमीन विवाद के एक मामले में उनके परिजनों द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिस पर पुलिस ने पूछताछ की थी और मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है।
भारत भूषण सिंह ठाकुर और कौशल सोनकर ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि वसूली व ब्लैकमेलिंग के आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
अंत में उन्होंने कहा कि वे किसी भी जांच में पूरा सहयोग करने के लिए तैयार हैं और अपनी प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए आवश्यक कानूनी कदम भी उठाएंगे।

