
रायपुर। राजधानी रायपुर में इंटरनेशनल परफॉर्मिंग आर्ट्स फेस्टिवल (IPAF) का आयोजन किया जा । यह प्रतिष्ठित सांस्कृतिक महोत्सव इस वर्ष रायपुर में अपने 50वें वर्ष का विशेष आयोजन मना रहा है। फेस्टिवल में देश और विदेश के कलाकार नृत्य, संगीत, रंगमंच और अन्य कला विधाओं के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया ।
आयोजन का उद्देश्य कला और संस्कृति को बढ़ावा देना तथा युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करना है। कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों और देशों से आए कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया.आयोजन को कई संस्थाओं और कॉर्पोरेट समूहों का सहयोग प्राप्त हुई.
IPAF देश के कई प्रमुख शहरों के साथ साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आयोजित किया जाता है. रायपुर में आयोजीत कला प्रेमियों के लिए एक विशेष अवसर माना जा रहा है। आयोजकों के अनुसार फेस्टिवल के माध्यम से सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिला और स्थानीय कलाकारों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का भी मंच मिला
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कलाकारों, कला प्रेमियों और गणमान्य नागरिकों के शामिल होने की संभावना है। IPAF का यह आयोजन रायपुर की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा विभिन्न विधाओं की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इनमें हिंदुस्तानी शास्त्रीय बांसुरी वादन की प्रस्तुति पंडित रोनू मजूमदार और रोहन बोस द्वारा दी जाएगी। वहीं गुरु भूपेंद्र एवं उनकी टीम कथक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति देंगे। छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य और लोकसंगीत का प्रदर्शन नरेंद्र जलाक्षत्रिय एवं सुरता लोक कला मंच द्वारा किया जाएगा। इसके अलावा दिव्यांग कलाकारों के आकांक्षा लायन ग्रुप की विशेष प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र रहेगी।
आयोजकों ने बताया कि आईपीएएफ का उद्देश्य विश्वभर की कला और संस्कृतियों को एक मंच पर लाना तथा प्रदर्शनकारी कलाओं के माध्यम से सामाजिक और सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा देना है। संस्था न केवल स्थापित कलाकारों को मंच प्रदान करती है, बल्कि उभरते और दिव्यांग कलाकारों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर उपलब्ध कराती है।

