राम मंदिर चंदा विवाद पर कांग्रेस का बड़ा हमला, कमलेश्वर पटेल ने उठाए कई सवाल

राम मंदिर चंदा विवाद पर कांग्रेस का बड़ा हमला, कमलेश्वर पटेल ने उठाए कई सवाल

कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) सदस्य एवं मध्यप्रदेश शासन के पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा एवं चढ़ावा घोटाले को लेकर केंद्र सरकार, भाजपा, आरएसएस और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवान राम के नाम पर देशभर से जुटाई गई श्रद्धालुओं की आस्था और धनराशि के उपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

पटेल ने कहा कि गरीब, किसान, मजदूर और आम श्रद्धालुओं ने राम मंदिर निर्माण के लिए अपनी श्रद्धा से दान दिया था, लेकिन अब सामने आ रही जानकारियां करोड़ों रामभक्तों के विश्वास को चोट पहुंचाने वाली हैं। उन्होंने ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि सब कुछ पारदर्शी था तो शीर्ष पदाधिकारियों के इस्तीफे क्यों हुए।

उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रस्ट की वित्तीय पारदर्शिता, चढ़ावे और आयोजनों के खर्चों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। उनके अनुसार, विभिन्न मीडिया रिपोर्टों और जांच की सूचनाओं में बड़े आयोजनों के खर्च, नकद चढ़ावे, फर्जी रसीदों और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े आरोप सामने आए हैं। पटेल ने कहा कि अब तक कार्रवाई केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित दिखाई देती है, जबकि शीर्ष पदाधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं की गई है।

प्रधानमंत्री से मांगा जवाब

कमलेश्वर पटेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे जवाब मांगते हुए कहा कि ट्रस्ट के गठन और प्रशासनिक ढांचे में केंद्र सरकार की भूमिका रही है, इसलिए सरकार इस मामले से स्वयं को अलग नहीं कर सकती। उन्होंने सवाल किया कि यदि कोई अनियमितता नहीं हुई है तो स्वतंत्र जांच से परहेज क्यों किया जा रहा है।

कांग्रेस की प्रमुख मांगें

कांग्रेस नेता ने पूरे मामले में पांच प्रमुख मांगें रखीं—

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करें।

कथित घोटाले में शामिल प्रभावशाली लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाए।

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जाए।

वर्तमान श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग कर नया पारदर्शी और जवाबदेह ट्रस्ट गठित किया जाए।

मंदिर निर्माण, चढ़ावे, दान, भूमि खरीद और आयोजनों का पूर्ण फॉरेंसिक ऑडिट कराया जाए।

पटेल ने कहा कि भगवान राम किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं हैं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की आस्था के केंद्र हैं। इसलिए राम मंदिर से जुड़े धन और व्यवस्थाओं को लेकर उठे हर सवाल का पारदर्शी जवाब देश को मिलना चाहिए।

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