रायपुर। राजधानी रायपुर में जमीन सौदे को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। लक्ष्मी नगर, डबरा कॉलोनी निवासी कुलदीप पाण्डेय ने प्रेसवार्ता कर आरोप लगाया कि ग्राम भानसोज स्थित भूमि के सौदे के एवज में जनपद सदस्य और उनके तहसीलदार भाई ने उनसे 1 करोड़ 1 लाख रुपये ले लिए, लेकिन एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी जमीन की रजिस्ट्री नहीं कराई गई।
कुलदीप पाण्डेय के अनुसार, 30 जुलाई 2025 को हुए इकरारनामे में विक्रेताओं ने एक माह के भीतर सीमांकन कर रजिस्ट्री कराने का लिखित आश्वासन दिया था। आरोप है कि इसके बावजूद आज तक रजिस्ट्री नहीं हुई और हर बार फसल, सीमांकन या अन्य कारण बताकर मामला टाल दिया गया।
प्रेसवार्ता में कुलदीप ने आरोप लगाया कि संबंधित भूमि के विक्रेता अमर आशीष मांडले (जनपद सदस्य) और उनके भाई राज आशीष मांडले (तहसीलदार) अपने राजनीतिक और प्रशासनिक प्रभाव का उपयोग कर उन्हें दबाव में लेने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि रजिस्ट्री की मांग करने पर उन्हें धमकियां दी गईं और पैसा वापस मांगने पर एससी-एसटी एक्ट में फंसाने की चेतावनी भी दी गई।
पीड़ित का कहना है कि उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से तीन कानूनी नोटिस भेजे, लेकिन किसी का जवाब नहीं मिला। उन्होंने मामले की जानकारी विभागीय मंत्री, वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिस अधीक्षक को भी देने की बात कही है।
कुलदीप पाण्डेय ने आशंका जताई कि जिस भूमि का सौदा उनसे किया गया था, उसे अब किसी अन्य पक्ष को बेचने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है।

