छत्तीसगढ़ सरकार ने आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और कुत्ता काटने की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए राज्यव्यापी अभियान तेज कर दिया है। बिलासपुर हाईकोर्ट में प्रस्तुत मुख्य सचिव के हलफनामे के अनुसार राज्य में आवारा कुत्तों के वैज्ञानिक प्रबंधन, नसबंदी और एंटी-रेबीज टीकाकरण के लिए 33.98 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
सरकार द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक 30 जून 2026 तक राज्यभर में 30,651 आवारा कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है, जबकि 50,362 कुत्तों को एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाई गई है। साथ ही 42,263 कुत्तों का डी-वॉर्मिंग उपचार भी किया गया है।
दिसंबर 2025 तक राज्य में केवल छह एबीसी (पशु जन्म नियंत्रण) केंद्र संचालित थे, जिनकी संख्या बढ़कर 34 हो गई है। वर्तमान में 32 जिलों में कम से कम एक एबीसी केंद्र कार्यरत है। आवारा कुत्तों की देखभाल के लिए 199 डॉग शेल्टर स्थापित किए गए हैं, जिनकी कुल क्षमता 4,340 कुत्तों की है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत 2,593 फीडिंग प्वाइंट भी चिन्हित किए गए हैं। वहीं जनशिकायतों के समाधान के लिए हेल्पलाइन 1100 और राष्ट्रीय राजमार्ग हेल्पलाइन 1033 सक्रिय हैं। हाईकोर्ट ने सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए अभियान की सतत निगरानी और जिलावार प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

