डिजिटल तकनीक के माध्यम से सुशासन की ओर बढ़ रहा छत्तीसगढ़, नागरिकों को मिल रही स्मार्ट सेवाएं

डिजिटल तकनीक के माध्यम से सुशासन की ओर बढ़ रहा छत्तीसगढ़, नागरिकों को मिल रही स्मार्ट सेवाएं

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार डिजिटल सुशासन को मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा डिजिटल सेवाओं के विस्तार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), साइबर सुरक्षा और आधुनिक तकनीकों के उपयोग के माध्यम से शासन को अधिक पारदर्शी, सरल और नागरिक-केंद्रित बनाया जा रहा है।

राज्य सरकार का ‘सेवा सेतु’ पोर्टल नागरिक सेवाओं का सबसे बड़ा डिजिटल मंच बनकर उभरा है। वर्तमान में 35 विभागों की 564 से अधिक सेवाएं इस पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध हैं। अब तक लाखों आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से अधिकांश का सफलतापूर्वक निराकरण किया जा चुका है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी राशन कार्ड, विवाह पंजीयन, जल कनेक्शन जैसी सेवाओं की ऑनलाइन उपलब्धता से लोगों को बड़ी सुविधा मिल रही है।

डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए राज्य के दूरस्थ, वनांचल और आदिवासी क्षेत्रों में मोबाइल एवं इंटरनेट नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। भारत सरकार की डिजिटल भारत निधि (DBN) योजना के तहत 4जी सेवाओं और भारतनेट परियोजना के माध्यम से हजारों गांवों को हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़ा जा रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन शिक्षा और डिजिटल सेवाओं की पहुंच बढ़ी है।

युवाओं को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ने के लिए राज्य सरकार विशेष पहल कर रही है। अंतरराष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) नया रायपुर के सहयोग से युवाओं को उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे राज्य में कुशल आईटी पेशेवरों का मजबूत आधार तैयार हो सके।

सरकार द्वारा विकसित विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म भी सुशासन को नई गति दे रहे हैं। खनिज, वन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली और आधारभूत संरचना परियोजनाओं की निगरानी अब ऑनलाइन माध्यम से की जा रही है। इससे पारदर्शिता बढ़ी है और योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आई है।

भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ एआई मिशन (CG-AIM) को प्राथमिकता दी है। इसके तहत शासन, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और स्टार्टअप क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित नवाचारों को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही रायपुर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर एआई की स्थापना की भी तैयारी है, जिससे अनुसंधान और नवाचार को नई दिशा मिलेगी।

राज्य सरकार की क्लाउड फर्स्ट नीति डिजिटल इकोसिस्टम को और मजबूत बनाएगी। इसके माध्यम से सुरक्षित डेटा प्रबंधन, क्लाउड आधारित सेवाओं और तकनीकी संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की कई पहलें राष्ट्रीय स्तर पर भी सराही गई हैं। विभाग द्वारा विकसित विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म और निगरानी प्रणालियों को राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं।

सरकार का कहना है कि डिजिटल तकनीक केवल प्रशासनिक आधुनिकीकरण का माध्यम नहीं, बल्कि नागरिकों तक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध सेवाएं पहुंचाने का प्रभावी साधन है। इसी लक्ष्य के साथ छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी डिजिटल राज्यों में शामिल करने की दिशा में लगातार प्रयास जारी हैं।

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