दैनिक साथी संदेश समाचार पत्र के 14वें स्थापना दिवस के अवसर पर आज राजधानी रायपुर स्थित महंत लक्ष्मीनारायण दास महाविद्यालय के पत्रकारिता विभाग सभागार में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पत्रकारिता, समाजसेवा, शिक्षा एवं विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों का सम्मान किया गया।
समारोह में प्रदेशभर से पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद् और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए।
इस अवसर पर आयोजित विशेष विचार गोष्ठी में “अभिव्यक्ति की आजादी और आज की पत्रकारिता” विषय पर वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नागरिकों का मूलभूत अधिकार है और पत्रकारिता समाज, शासन तथा जनता के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु की भूमिका निभाती है।
उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में सूचना का प्रसार अत्यंत तेज हो गया है, जिससे पत्रकारों की जिम्मेदारी पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। ऐसे समय में तथ्यपरक, निष्पक्ष और संतुलित समाचारों का प्रकाशन ही पत्रकारिता की विश्वसनीयता को बनाए रख सकता है।
वक्ताओं ने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी का सम्मान करते हुए सामाजिक सौहार्द, संवेदनशीलता और जवाबदेही का भी ध्यान रखना आवश्यक है।
कार्यक्रम में फेक न्यूज, भ्रामक सूचनाओं और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि बदलते दौर में विश्वसनीय और जनहितकारी पत्रकारिता की आवश्यकता और अधिक बढ़ गई है। पत्रकारिता का मूल उद्देश्य सत्य को सामने लाना, आमजन की आवाज़ को मंच प्रदान करना और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना है।
समारोह में वक्ताओं ने स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता को लोकतंत्र का मजबूत स्तंभ बताते हुए कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी और पत्रकारिता एक-दूसरे के पूरक हैं। इनके संतुलित और जिम्मेदार उपयोग से ही लोकतंत्र सशक्त और समाज जागरूक बन सकता है।
इस अवसर पर दैनिक साथी संदेश की 14 वर्षों की पत्रकारिता यात्रा को भी याद किया गया। आयोजकों ने कहा कि समाचार पत्र ने अपने स्थापना काल से ही जनसरोकारों, सामाजिक मुद्दों और निष्पक्ष पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हुए पाठकों का विश्वास अर्जित किया है। समारोह का समापन सम्मान कार्यक्रम और आभार प्रदर्शन के साथ हुआ।

