शादी से पहले छिन गई जिंदगी: गुरुग्राम के मैनेजर युवराज सिंह की हत्या, मंगनी के बाद घर में पसरा मातम

शादी से पहले छिन गई जिंदगी: गुरुग्राम के मैनेजर युवराज सिंह की हत्या, मंगनी के बाद घर में पसरा मातम

जिस घर में कुछ ही हफ्तों बाद शहनाइयां गूंजने वाली थीं, वहां अब मातम का माहौल है। गुरुग्राम निवासी युवराज सिंह मनचंदा की शादी की तैयारियां जोरों पर थीं। 6 सितंबर को परिवार के साथ लाजपत नगर में शादी की खरीदारी के दौरान उनकी शेरवानी भी फाइनल हो चुकी थी, लेकिन कुछ ही दिनों बाद उनकी हत्या की खबर ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया।

परिजनों के अनुसार, युवराज की एक महीने बाद शादी होने वाली थी। उनकी बहन करिश्मा ने बताया कि पूरा परिवार शादी की तैयारियों में व्यस्त था और किसी ने भी नहीं सोचा था कि खुशियों का यह माहौल अचानक मातम में बदल जाएगा।

मामले की जांच में सामने आया है कि हत्या के पीछे पैसों के लेनदेन का विवाद एक प्रमुख कारण हो सकता है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, ठगी से जुड़े मामलों में कुछ लोगों द्वारा पहले भी शिकायत दर्ज कराई गई थी और इस संबंध में एफआईआर भी दर्ज हुई थी।

जांच एजेंसियां आर्थिक लेनदेन और अन्य पहलुओं की गहन पड़ताल कर रही हैं।
परिवार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि युवराज का शव 10 सितंबर को बरामद हो गया था, लेकिन उन्हें समय पर इसकी जानकारी नहीं दी गई। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने बिना पर्याप्त सूचना दिए अंतिम संस्कार की प्रक्रिया भी पूरी कर दी, जिससे परिवार में भारी नाराजगी है।

युवराज सिंह मनचंदा एक प्रतिष्ठित रियल एस्टेट कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। पुलिस जांच में एक महिला आरोपी अन्या वत्स का नाम सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान उसने युवराज की गोली मारकर हत्या करने और एक सहयोगी के साथ शव को ठिकाने लगाने की बात स्वीकार की है। हालांकि पुलिस की ओर से आधिकारिक रूप से सभी तथ्यों की पुष्टि की जानी बाकी है।

फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और हत्या के पीछे की पूरी साजिश, आर्थिक लेनदेन तथा अन्य संभावित कारणों को खंगाल रही है। वहीं, युवराज के परिवार की मांग है कि मामले की निष्पक्ष और तेज जांच कर दोषियों को कड़ी सजा दी जाए।

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