दुर्गं। भट्टी थाना क्षेत्र में संरक्षित वन्य जीव कोबरा सांप के साथ खिलवाड़ करने का मामला सामने आया है। दुर्ग के भट्टी थाना क्षेत्र निवासी रेलवे कर्मचारी देवव्रत कर के खिलाफ वीडियो वायरल होने पर अब कार्रवाई की मांग तेज हो गई हैं। इस संबंध में क्षेत्र निवासी ल. ध्रुवेय ने थाना भट्टी और वनमंडल दुर्ग में लिखित शिकायत देकर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।शिकायत के अनुसार, देवव्रत कर उर्फ बिट्टू द्वारा अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर ऐसे वीडियो प्रसारित किए जा रहे हैं, जिनमें वह कोबरा सांप को हाथ में लेकर और मुंह के पास ले जाकर लोगों के बीच प्रदर्शन करता दिखाई दे रहा है।
शिकायतकर्ता ने कहा है कि कोबरा वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षित वन्य जीव है। इसे पकडऩा, अपने पास रखना या इसके साथ खिलवाड़ करना कानूनन अपराध हो सकता है। इस तरह के वीडियो से समाज में गलत संदेश जाने के साथ ही वन्य जीव की जान को भी खतरा उत्पन्न हो सकता है।
शिकायत में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9, 39 और 51, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 291 और 125 के तहत कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन के साथ कथित वीडियो और स्क्रीनशॉट भी साक्ष्य के रूप में संलग्न किए हैं।
शिकायतकर्ता ने पुलिस और वन विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपों की पुष्टि होने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की है।
व्हाट्सएप स्टेटस पर वीडियो प्रसारित करने का आरोप
शिकायतकर्ता ल. ध्रुवेय ने 5 नवंबर 2026 को थाना भट्टी और वनमंडल दुर्ग में लिखित शिकायत देकर देवव्रत कर पर संरक्षित कोबरा सांप के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, संबंधित व्यक्ति अपने व्हाट्सएप स्टेटस एवं अन्य माध्यमों से कोबरा सांप के साथ बनाए गए वीडियो प्रसारित कर रहा है। इन वीडियो में वह कोबरा को हाथ में लेकर और मुंह के पास लाकर आम लोगों के बीच उसका प्रदर्शन करता दिखाई दे रहा है।
रेलवे कर्मचारी पर संरक्षित कोबरा से खिलवाड़ का आरोप, मेनका गांधी ने लिया संज्ञान; DRM को भी दी जानकारी
मेनका गांधी ने किया फोन
संरक्षित वन्यजीव कोबरा सांप के साथ कथित खिलवाड़ का मामला अब रेलवे प्रशासन तक पहुंच गया है। देवव्रत के खिलाफ पुलिस और वन विभाग में शिकायत के साथ ही भाजपा नेत्री एवं पीपल फॉर एनिमल्स (PFA) की संस्थापक मेनका गांधी की संस्था में भी शिकायत की गई है। शिकायत संख्या PFA-CR-2026-00034 है। शिकायतकर्ता के अनुसार, मेनका गांधी ने स्वयं फोन कर पूरे मामले की जानकारी ली और रेलवे के DRM को भी फोन पर इस प्रकरण से अवगत कराया है।


