मृत घोषित युवक एंबुलेंस में हुआ जिंदा! रायपुर के निजी अस्पताल पर उठे गंभीर सवाल

मृत घोषित युवक एंबुलेंस में हुआ जिंदा! रायपुर के निजी अस्पताल पर उठे गंभीर सवाल

राजधानी रायपुर के लोधीपारा चौक स्थित एक निजी अस्पताल की बड़ी लापरवाही ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस युवक को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था, वह अस्पताल से बाहर निकलते समय एंबुलेंस में अचानक जीवित नजर आया।

जानकारी के अनुसार, पुरानी भिलाई देव बलोदा निवासी युवक को 3 जून को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसकी हालत नाजुक बताते हुए उसे मृत घोषित कर दिया। परिजन गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे और शव को एंबुलेंस में लेकर अस्पताल परिसर से बाहर निकल रहे थे।

इसी दौरान अचानक युवक के शरीर में हलचल होने लगी। परिजनों ने जब युवक की गतिविधियां देखीं तो उनके होश उड़ गए। तुरंत उसे पानी पिलाया गया और बिना समय गंवाए डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा) में भर्ती कराया गया।

इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों में भारी आक्रोश है और निजी अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि युवक जीवित था तो उसे मृत घोषित किस आधार पर किया गया? क्या डॉक्टरों ने पर्याप्त जांच नहीं की? क्या अस्पताल प्रबंधन ने जल्दबाजी में मौत की पुष्टि कर दी?

यह घटना केवल एक अस्पताल की लापरवाही नहीं, बल्कि मरीजों की सुरक्षा और चिकित्सा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर बड़ा प्रश्नचिह्न है। अब लोगों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पाए जाने पर संबंधित डॉक्टरों व अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

मृत घोषित मरीज के जिंदा होने की यह घटना स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए गंभीर चेतावनी है, जिसका जवाब प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन दोनों को देना होगा।

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