रायपुर सिलयारी थाना क्षेत्र में नाबालिग पीड़िता से जुड़े मामले को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सूरज सिंह ठाकुर और पत्रकार मोहम्मद उस्मान सैफी ने अपने ऊपर हुई कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। दोनों ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल पीड़िता को न्याय दिलाना और मामले की सच्चाई को सामने लाना था।
सूरज सिंह ठाकुर ने अपने बयान में कहा कि 18 अप्रैल को हुई गंभीर घटना को दबाने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने पीड़ित परिवार के साथ खड़े होकर न्याय की आवाज उठाई। उनका दावा है कि यदि उन्होंने कोई गलत कार्य किया होता तो न्यायालय से उन्हें शीघ्र राहत नहीं मिलती। उन्होंने सवाल उठाया कि दोषियों और उन्हें संरक्षण देने वालों पर कार्रवाई में देरी क्यों हुई, जबकि न्याय की मांग करने वालों को निशाना बनाया गया।
वहीं पत्रकार मोहम्मद उस्मान सैफी ने कहा कि एक पत्रकार के रूप में उन्होंने केवल अपना दायित्व निभाते हुए घटना को जनता और प्रशासन के सामने रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि सच उजागर करने वालों को प्रताड़ित किया जा रहा है, जो लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए चिंता का विषय है।
दोनों ने न्यायपालिका पर विश्वास जताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई तथा उनके खिलाफ हुई कार्रवाई की भी स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि न्याय और सत्य की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।

