नक्सल क्षेत्र में वर्षों से पदस्थ निरीक्षकों-उपनिरीक्षकों के परिजन डीजीपी से मिलने पहुंचे, नहीं हो सकी मुलाकात

नक्सल क्षेत्र में वर्षों से पदस्थ निरीक्षकों-उपनिरीक्षकों के परिजन डीजीपी से मिलने पहुंचे, नहीं हो सकी मुलाकात

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लंबे समय से पदस्थ निरीक्षकों एवं उपनिरीक्षकों के स्थानांतरण की मांग को लेकर उनके परिजन मंगलवार को संयुक्त पुलिस कर्मचारी एवं परिवार कल्याण संघ के अध्यक्ष उज्जवल दीवान के नेतृत्व में पुलिस मुख्यालय पहुंचे। परिजनों ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से मुलाकात कर अपनी समस्याओं से अवगत कराने का प्रयास किया, लेकिन काफी इंतजार के बाद भी उनकी मुलाकात नहीं हो सकी।

परिजनों का कहना है कि छत्तीसगढ़ में लगभग 200 से 250 निरीक्षक और उपनिरीक्षक पिछले 8 से 10 वर्षों से लगातार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे हैं। इन अधिकारियों ने राज्य को नक्सल मुक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, लेकिन लंबे समय तक एक ही क्षेत्र में पदस्थ रहने के कारण उनके परिवारों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

परिजनों के अनुसार कई अधिकारियों के माता-पिता वृद्ध हो चुके हैं, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है तथा पारिवारिक जीवन पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है। स्थानांतरण की उम्मीद में कई परिवार अपने बच्चों का नए स्कूलों में प्रवेश तक नहीं करा पा रहे हैं। वहीं कुछ अधिकारियों के मैदानी क्षेत्रों में स्थानांतरण होने के बाद शेष कर्मचारियों में भी निराशा का माहौल है।

संयुक्त पुलिस कर्मचारी एवं परिवार कल्याण संघ के अध्यक्ष उज्जवल दीवान ने कहा कि स्थानांतरण की मांग को लेकर लगातार आवेदन और निवेदन किए जा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने बताया कि डीजीपी से मुलाकात के लिए पुलिस मुख्यालय को पूर्व में पत्र भी भेजा गया था, इसके बावजूद प्रतिनिधिमंडल से नहीं मिले डीजीपी सहाब…

वन 2 वन..

संघ ने मांग की है कि वर्षों से नक्सल क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे निरीक्षकों और उपनिरीक्षकों की स्थिति पर संवेदनशीलता के साथ विचार करते हुए शीघ्र स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी की जाए, ताकि उनके परिवारों को राहत मिल सके।

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