CBSE के नाम पर एडमिशन, CG बोर्ड की परीक्षा
एक दिन पहले दी गई परीक्षा की सूचना
हाईकोर्ट ने मांगा शिक्षा सचिव से जवाब
8 अप्रैल को अगली सुनवाई
– छत्तीसगढ़ में निजी स्कूलों की मनमानी पर अब हाईकोर्ट सख्त हो गया है। सीबीएसई के नाम पर एडमिशन देने और बाद में अचानक सीजी बोर्ड की परीक्षा थोपने के मामले में कोर्ट ने शिक्षा सचिव से जवाब तलब किया है।
अभिभावकों की शिकायत के बाद यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है।
– छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। कुछ निजी स्कूलों पर आरोप है कि उन्होंने अभिभावकों को सीबीएसई पैटर्न का झांसा देकर बच्चों का एडमिशन लिया,पूरे साल उसी आधार पर पढ़ाई करवाई, लेकिन परीक्षा के समय अचानक सीजी बोर्ड में शामिल होने का दबाव बना दिया।
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि कई बच्चों को परीक्षा से महज एक दिन पहले इसकी जानकारी दी गई। ऐसे में बच्चों की तैयारी और मानसिक स्थिति दोनों पर असर पड़ा है,जिससे अभिभावकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
अभिभावकों का कहना है कि स्कूलों ने भरोसा तोड़ा है और ज्यादा फीस वसूलने के लिए सीबीएसई का नाम इस्तेमाल किया। वहीं अधिकारियों ने भी माना है कि कक्षा 8 तक सीबीएसई की आधिकारिक मान्यता नहीं होती, इसके बावजूद कुछ स्कूल इस नाम पर फीस लेते रहे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने स्कूल शिक्षा सचिव को नोटिस जारी कर विस्तृत शपथ पत्र के साथ जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।कोर्ट ने यह भी पूछा है कि इस तरह की गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार कौन है और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 8 अप्रैल को होगी। माना जा रहा है कि हाईकोर्ट का रुख सख्त रह सकता है, जिससे निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगने की उम्मीद है।

