
Amit Shah ने बस्तर दौरे के दौरान नक्सलवाद, विकास और सुरक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि आज बस्तर की जनता में उत्साह, विश्वास और भविष्य को लेकर आश्वस्तता का माहौल दिखाई दे रहा है। पूरा बस्तर अब भय के वातावरण से निकलकर खुली सांस ले रहा है।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने नक्सलमुक्त भारत का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने बताया कि सरकार “सुरक्षा से विश्वास, विश्वास से विकास, विकास से समृद्धि और समृद्धि से संतृप्ति” की यात्रा को अगले पांच वर्षों में पूरा करने के लिए काम कर रही है।
अमित शाह ने पूर्व कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कई भाजपा सरकारों ने नक्सल उन्मूलन अभियान में केंद्र का सहयोग किया, लेकिन छत्तीसगढ़ की पिछली कांग्रेस सरकार ने इस दिशा में अपेक्षित समर्थन नहीं दिया। उन्होंने कहा कि 13 दिसंबर 2023 को राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद बस्तर में बचे हुए नक्सलवाद को खत्म करने के लिए अभियान को नई गति दी गई।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने बस्तर के विकास के लिए बड़े पैमाने पर कार्य किए हैं। ₹20,557 करोड़ की लागत से 12,211 किलोमीटर सड़कों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। साथ ही देशभर के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 13 हजार मोबाइल टॉवर लगाने की योजना के तहत अब तक 5 हजार टॉवर स्थापित किए जा चुके हैं।
अमित शाह ने बस्तर के आदिवासी युवाओं और महिलाओं को भरोसा दिलाते हुए कहा कि अब डर में जीने की जरूरत नहीं है। भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार कंधे से कंधा मिलाकर बस्तर के लोगों के साथ खड़ी हैं और क्षेत्र में विकास का नया अध्याय लिखा जा रहा है।
उन्होंने नक्सलमुक्त अभियान में शहीद हुए सुरक्षा बलों के जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में जिन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया, देश हमेशा उनका ऋणी रहेगा। साथ ही नक्सली हिंसा में अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की।
अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि जब बस्तर पूरी तरह विकसित होगा, तब दुनिया को यह संदेश जाएगा कि यहां स्कूल, सड़क, अस्पताल और बैंक नक्सल हिंसा के कारण पिछड़ गए थे। उन्होंने कहा कि बस्तर का विकास मॉडल देश और दुनिया के लिए लोकतांत्रिक विकास का उदाहरण बनेगा।

