रायपुर में 39 लाख की ठगी: 135 दिन बाद दर्ज हुई FIR, पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

रायपुर में 39 लाख की ठगी: 135 दिन बाद दर्ज हुई FIR, पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

– राजधानी के मौदहापारा थाना क्षेत्र में 39 लाख रुपये की बड़ी व्यापारिक धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। खास बात यह है कि पीड़ित को FIR दर्ज कराने के लिए करीब 135 दिनों तक इंतजार करना पड़ा और अंततः DGP व SP से गुहार लगाने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की।

– गुरुनानक चौक निवासी मोहम्मद शाहनवाज (29) ने बताया कि 23 जून 2021 को उन्होंने इमरान नवाब (42) के साथ HDD मशीन खरीदने का सौदा किया था। इस डील के तहत उन्होंने अलग-अलग किश्तों में कुल 39 लाख रुपये आरोपी को दे दिए। भुगतान की अंतिम तिथि 3 अप्रैल 2024 तय थी, लेकिन रकम लेने के बाद भी आरोपी ने न तो मशीन दी और न ही पैसे लौटाए।
धमकी और दबाव के आरोप
पीड़ित का आरोप है कि जब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी ने गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। साथ ही एग्रीमेंट और चेक फाड़ने तथा सबूत मिटाने का दबाव भी बनाया गया। यहां तक कि जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है।

135 दिनों तक टलती रही FIR

मामले की शिकायत लंबे समय पहले की गई थी, लेकिन मौदहापारा थाना पुलिस की कथित उदासीनता के चलते महीनों तक FIR दर्ज नहीं की गई। थक-हारकर पीड़ित ने पुलिस महानिदेशक (DGP) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SP) से शिकायत की। इसके बाद उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप से पुलिस हरकत में आई और आखिरकार FIR दर्ज की गई।

इन धाराओं में केस दर्ज

पुलिस ने आरोपी इमरान नवाब के खिलाफ IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी), 406 (आपराधिक विश्वासघात) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

पुलिस पर उठे सवाल

इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक गंभीर आर्थिक अपराध में FIR दर्ज करने में 135 दिनों की देरी न केवल पीड़ित के लिए परेशानी का कारण बनी, बल्कि सिस्टम की जवाबदेही पर भी प्रश्नचिह्न लगा रही है।

अब आगे क्या?

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं पीड़ित को उम्मीद है कि अब उसे न्याय मिलेगा।

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