पहचान छिपाकर लव जिहाद फैलाने का आरोप, विरोध के बाद आयोजन रद्द
राजधानी रायपुर में इन दिनों युवाओं के बीच “स्ट्रेंजर मीट” और “स्ट्रेंजर पार्टी” का ट्रेंड तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है। सोशल मीडिया और निजी ग्रुप्स के जरिए शहर के कई होटल, कैफे और लाउंज में ऐसी पार्टियों का आयोजन किया जा रहा है, जहां अनजान युवक-युवतियों को आपस में मिलवाया जाता है। शहर में हाल के दिनों में अलग-अलग कम्युनिटी मीटअप, सोशल गैदरिंग और अननोन इंटरैक्शन इवेंट्स की ऑनलाइन सक्रियता भी बढ़ी है। लेकिन अब इस ट्रेंड ने नया विवाद खड़ा कर दिया है.
रायपुर के कई हिंदू संगठन इन आयोजनों के विरोध में खुलकर सामने आ गए हैं। संगठनों का आरोप है कि “स्ट्रेंजर मीट” के नाम पर युवतियों को टारगेट किया जा रहा है और इसमें कई लोग अपनी असली पहचान छिपाकर शामिल हो रहे हैं। हिंदू संगठनों ने इसे “लव जिहाद को बढ़ावा देने वाला संगठित नेटवर्क” बताते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रदेश में हाल ही में धर्मांतरण और पहचान छिपाकर संबंध बनाने जैसे मुद्दों को लेकर लगातार सामाजिक-राजनीतिक प्रदर्शन भी देखे गए हैं, जिससे यह मामला और संवेदनशील हो गया है।
विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं का कहना है कि इन पार्टियों में युवाओं को “फन इंटरैक्शन” और “फ्रेंडशिप इवेंट” के नाम पर बुलाया जाता है, लेकिन पर्दे के पीछे धार्मिक पहचान छिपाकर संपर्क बढ़ाने की कोशिश की जाती है। संगठनों ने कुछ प्रचार पोस्टर और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन लिंक का हवाला देते हुए पुलिस को शिकायत भी सौंपने की बात कही है।
हिंदू संगठनों के तीखे विरोध और सोशल मीडिया पर बढ़ते दबाव के बाद आयोजकों ने फिलहाल प्रस्तावित इवेंट को रद्द कर दिया है। हालांकि, शहर में ऐसे आयोजनों का डिजिटल प्रमोशन अब भी जारी है और अलग-अलग नामों से युवाओं को जोड़े जाने की कोशिश की जा रही है।
इधर, प्रशासनिक स्तर पर अब इस पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक यदि शिकायत में तथ्य पाए जाते हैं तो आयोजकों, प्रमोटर्स और संदिग्ध प्रतिभागियों की प्रोफाइल खंगाली जा सकती है।
राजधानी रायपुर में तेजी से बदलते सोशल कल्चर के बीच अब “स्ट्रेंजर पार्टी” मनोरंजन का जरिया है या किसी बड़े षड्यंत्र की भूमिका… यह आने वाले दिनों में जांच का विषय बन सकता है।

