महिला आरक्षण: प्रियंका गांधी ने किया ‘चाणक्य’ का ज़िक्र तो पीएम मोदी बोले, ‘नहीं होगा अन्याय

महिला आरक्षण: प्रियंका गांधी ने किया ‘चाणक्य’ का ज़िक्र तो पीएम मोदी बोले, ‘नहीं होगा अन्याय

गुरुवार को शुरू हुए संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र में मोदी सरकार ने महिला आरक्षण और डीलिमिटेशन (परिसमन) बिल पेश कर दिया.

इसके साथ ही संसद और संसद के बाहर पक्ष-विपक्ष में तीखी बयानबाज़ी शुरू हो गई है. कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने इसे ‘अगले चुनाव के लिए बीजेपी की रणनीति’ कहा वहीं शशि थरूर ने ‘डीलिमिटेशन की डीमोनेटाइज़ेशन’ से तुलना की.

दक्षिण भारत में डीलिमिटेशनका तीख़ा विरोध हो रहा है. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने डीलिमिटेशन बिल का विरोध जताया. बीआरएस ने भी केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ संघर्ष करने का एलान कर दिया है.

विपक्षी पार्टियों का कहना कि सरकार की मंशा महिला आरक्षण लागू करने की है ही नहीं. विपक्ष के मुताबिक़ वो महिला आरक्षण सरकार का समर्थन करेंगे लेकिन सरकार डीलिमिटेशन को इससे जोड़कर मामले को उलझा रही है.

बता दें कि प्रस्तावित बिल में लोकसभा में सीटों की संख्या मौजूदा 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव है.

साथ ही लोकसभा और राज्य विधानसभाओं की एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का भी प्रस्ताव है.

हालांकि महिला आरक्षण का ये प्रस्ताव 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर आधारित है, जिसमें महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का प्रावधान किया गया था, लेकिन इसके लागू होने को भविष्य में होने वाली जनगणना और डीलिमिटेशन (परिसीमन प्रक्रिया) से जोड़ा गया था.

परिसीमन पर प्रधानमंत्री ने कहा कि “मैं आज ज़िम्मेदारी से कहना चाहता हूं कि निर्णय प्रक्रिया किसी के साथ भेदभाव नहीं करेगी. किसी के साथ अन्याय नहीं होगा.”

“पहले जो परिसीमन हुआ है और जो अनुपात पहले से चला आ रहा है, उसमें कोई बदलाव नहीं होगा. उसी के अनुसार परिसीमन होगा.”

उन्होंने कहा, “अगर गारंटी चाहिए, तो मैं गारंटी भी देता हूं.”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण बिल के पक्ष में बोलते हुए कहा, “जो आज इस बिल का विरोध करेंगे, उन्हें लंबे समय तक इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी. उन्होंने कहा कि अब देश की बहनों पर भरोसा करें, 33 फ़ीसदी महिलाओं को यहां आने दें और उन्हें निर्णय करने दें.”

उन्होंने कहा कि देश की 50 फ़ीसदी आबादी को नीति-निर्माण में शामिल होना चाहिए, “मुझे सबको साथ लेकर चलना है और मुझे संविधान ने यही सिखाया है.”

प्रधानमंत्री ने कहा कि “हम भ्रम में न रहें कि हम कुछ नारी शक्ति को दे रहे हैं, ये उनका हक़ है. और हमने कई दशकों से रोका हुआ है, आज उसका प्रायश्चित कर हमें उस पाप से मुक्ति पाने का अवसर है.”

इससे पहले केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में डीलिमिटेशन बिल पर बहस के दौरान कहा कि इस प्रक्रिया के बाद हर राज्य में लोकसभा सीटों की संख्या 50 प्रतिशत बढ़ जाएगी.

उन्होंने कहा, “सभी राज्यों में कुल मिलाकर लोकसभा सीटों की संख्या 815 हो जाएगी जिसमें से 272 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी.”

गृह मंत्री अमित शाह पर प्रियंका गांधी का तंज़

कुछ प्रदेशों की ताक़त कम करके लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाकर अगले चुनाव के लिए अपनी पार्टी की मजबूती का ढांचा बनाया जा रहा है… गृह मंत्री जी हंस रहे हैं… पूरी योजना बना रखी है. चाणक्य आज ज़िंदा होते तो आपकी राजनीतिक कुटिलता पर वो भी चौंक जाते.

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