सौम्या चौरसिया पर ईओडब्ल्यू की बड़ी कार्रवाई — 8,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल, छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा भ्रष्टाचार मामला उजागर

सौम्या चौरसिया पर ईओडब्ल्यू की बड़ी कार्रवाई — 8,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल, छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा भ्रष्टाचार मामला उजागर

रायपुर, 15 अक्टूबर 2025 — छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के सबसे बड़े मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने राज्य प्रशासनिक सेवा की अधिकारी और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उप सचिव सौम्या चौरसिया के खिलाफ 8,000 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है।

यह चार्जशीट भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(1)(B) और 13(2) के तहत आय से अधिक संपत्ति के मामले में माननीय विशेष न्यायालय, रायपुर में मंगलवार को प्रस्तुत की गई।

ईओडब्ल्यू की जांच रिपोर्ट के अनुसार, सौम्या चौरसिया ने अपने परिजनों और परिचितों के नाम पर लगभग 45 बेनामी संपत्तियों में निवेश किया। जांच में खुलासा हुआ कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग कर लगभग 49 करोड़ 69 लाख 48 हजार 298 रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की, जो उनकी वैध आय से 1872.86 प्रतिशत अधिक है।

जांच में यह भी पाया गया कि वर्ष 2019 से 2022 के बीच सौम्या चौरसिया ने सबसे अधिक अवैध निवेश किया। इस दौरान उन्होंने कोयला, डीएमएफ (जिला खनिज न्यास) और अन्य सरकारी योजनाओं से प्राप्त भ्रष्टाचार की कमाई को संपत्तियों में लगाया।

गौरतलब है कि सौम्या चौरसिया 2008 बैच की राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं। उनकी प्रथम नियुक्ति डिप्टी कलेक्टर, बिलासपुर कलेक्टर कार्यालय में हुई थी। इससे पहले उन्होंने 2005 में लेखाधिकारी के रूप में सेवाएं दी थीं। वर्ष 2019 में वे मुख्यमंत्री कार्यालय में उप सचिव के रूप में पदस्थ हुईं।

ईओडब्ल्यू के अनुसार, उनके 17 वर्ष के सेवाकाल में सौम्या और उनके परिवार की कुल वैध आय लगभग 2.51 करोड़ रुपये रही, जबकि उन्होंने लगभग 50 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की।

ब्यूरो अधिकारियों का कहना है कि यह मामला छत्तीसगढ़ ईओडब्ल्यू के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा “आय से अधिक संपत्ति” केस है। ब्यूरो ने जांच के दौरान प्राप्त सभी साक्ष्य, वित्तीय लेनदेन और संपत्ति संबंधी अभिलेखों को एकत्र कर विस्तृत अभियोग पत्र (चार्जशीट) न्यायालय में प्रस्तुत किया है।

स्रोत: आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW), रायपुर

Chhattisgarh Crime