छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के भैरमगढ़ में नाबालिग बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
राज्यसभा सांसद श्रीमती फूलोदेवी नेताम ने इस घटना पर गहरी चिंता जताते हुए देश और प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
सांसद श्रीमती फूलोदेवी नेताम ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने राष्ट्रीय क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि देश में हर घंटे दर्जनों अत्याचार के मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या अपहरण, हमले और दुष्कर्म की है।
उन्होंने छत्तीसगढ़ में महिलाओं के खिलाफ अपराध दर राष्ट्रीय औसत से अधिक होने का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्ष 2023 से फरवरी 2026 तक एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत हजारों मामले दर्ज हुए हैं, जिनमें बड़ी संख्या दुष्कर्म की है।
सांसद ने केंद्र और राज्य सरकार दोनों पर निशाना साधते हुए कहा कि “डबल इंजन” की सरकार महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसी घटनाएं नहीं रुकीं तो प्रदेशभर में विरोध-प्रदर्शन किए जाएंगे।
बीजापुर की घटना को उन्होंने बेहद शर्मनाक बताते हुए कहा कि इससे आदिवासी समाज समेत पूरे देश में आक्रोश है और पीड़िता को जल्द न्याय मिलना चाहिए।

