बारनवापारा बना काले हिरण संरक्षण की मिसाल, ‘मन की बात’ में मिली राष्ट्रीय पहचान

बारनवापारा बना काले हिरण संरक्षण की मिसाल, ‘मन की बात’ में मिली राष्ट्रीय पहचान

छत्तीसगढ़ का बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य काले हिरणों के संरक्षण और पुनर्स्थापन का सफल उदाहरण बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने अपने रेडियो कार्यक्रम Mann Ki Baat में इस प्रयास का उल्लेख कर इसकी सराहना की, जिससे राज्य की पर्यावरणीय पहल को राष्ट्रीय पहचान मिली। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने इसे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय बताया।

Barnawapara Wildlife Sanctuary लगभग 245 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है। 1970 के दशक के बाद अतिक्रमण और प्राकृतिक आवास नष्ट होने से यहां काले हिरण लगभग विलुप्त हो गए थे। वर्ष 2018 में राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्वीकृति के बाद वैज्ञानिक योजना के तहत इनके पुनर्वास का कार्य शुरू हुआ। शुरुआती दौर में बीमारी और प्रबंधन संबंधी चुनौतियां आईं, लेकिन बेहतर चिकित्सा, पोषण, जलनिकासी, निगरानी और सुरक्षित बाड़ों की व्यवस्था से स्थिति सुधरी।

लगातार प्रयासों का परिणाम यह रहा कि स्थानीय रूप से समाप्त हो चुकी काले हिरणों की संख्या अब बढ़कर करीब 200 पहुंच गई है। खुले घास के मैदानों में उनकी सक्रिय मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि सही संरक्षण नीति से विलुप्ति के कगार पर पहुंची प्रजातियों को भी नया जीवन दिया जा सकता है।

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