भारत की जनगणना 2027: मई 2026 से शुरू होगा पहला चरण, घर-घर पहुंचेगी टीम

भारत की जनगणना 2027: मई 2026 से शुरू होगा पहला चरण, घर-घर पहुंचेगी टीम

भारत में होने वाली जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। यह जनगणना देश की सबसे बड़ी प्रशासनिक और सांख्यिकीय प्रक्रिया मानी जाती है। वर्ष 1872 में शुरू हुई इस परंपरा की यह 16वीं जनगणना होगी, जबकि स्वतंत्रता के बाद यह 8वीं जनगणना होगी।

इस बार जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी। पहला चरण मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना 1 मई से 30 मई 2026 तक किया जाएगा, जबकि दूसरा चरण जनसंख्या गणना फरवरी-मार्च 2027 में संपन्न होगा।

खास बात यह है कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी। आम नागरिकों के लिए स्व-गणना (Self Enumeration) का विकल्प भी दिया गया है, जिसके तहत लोग 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 के बीच ऑनलाइन अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद जनगणना कर्मी घर-घर जाकर इस जानकारी की पुष्टि करेंगे।

पहले चरण में प्रगणक मोबाइल एप के जरिए हर घर जाकर मकान की स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं और परिसंपत्तियों से जुड़े कुल 33 सवालों की जानकारी जुटाएंगे। यह पूरी प्रक्रिया जनगणना अधिनियम 1948 के तहत की जाएगी, जिसमें नागरिकों की व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है और इसका उपयोग केवल विकास योजनाओं के लिए किया जाता है।

छत्तीसगढ़ राज्य में इस कार्य के लिए करीब 62,500 अधिकारियों और कर्मचारियों को तैनात किया गया है। यह कार्य राज्य के 33 जिलों, 195 नगरीय निकायों और लगभग 20 हजार गांवों में किया जाएगा।

जनगणना से संबंधित जानकारी के लिए राज्य में 16 अप्रैल 2026 से टोल फ्री नंबर 1855 भी शुरू किया जा रहा है।

सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे जनगणना कार्य में सहयोग करें, ताकि सटीक आंकड़ों के आधार पर देश और राज्य के विकास की बेहतर योजनाएं बनाई जा सकें।

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