भारत के पास कितना सोना है

भारत के पास कितना सोना है

गोल्ड यानी सोना काफी लंबे वक़्त से ग्लोबल फ़ाइनेंशियल सिस्टम का हिस्सा रहा है. इसे अनिश्चितता से बचाव और संपत्ति को अलग-अलग रूप में रखने का तरीका माना जाता है.

भारत में सोना घरेलू बचत और खर्च का अहम हिस्सा है, इसलिए यह दुनिया के सबसे बड़े बाज़ारों में से एक है.

हाल के हफ्तों में सोने की क़ीमतों में गिरावट आई है. रॉयटर्स के मुताबिक, 28 फ़रवरी से अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद सोना 10 फ़ीसदी से ज़्यादा गिर चुका है.

पिछले हफ़्ते, एक लेख में शशि थरूर ने कहा कि, “भारत में गोल्ड यानी सोने की काफी संभावनाएं हैं, लेकिन उत्पादन अभी भी बहुत कम है.”

हमने यह सवाल इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट अहमदाबाद के इंडिया गोल्ड पॉलिसी सेंटर की प्रमुख प्रोफे़सर सुंदरावल्ली नारायणस्वामी से पूछा.

उन्होंने कहा, “कई तरह के आंकड़े हैं, कुछ सही हैं और बाकी अनुमान हैं. आरबीआई के पास करीब 800-820 टन सोना है. आर्थिक रूप से निकाला जा सकने वाला सोना करीब 70-80 टन है.”

आर्थिक रूप से निकाला जा सकने वाला सोना वह होता है जिसे मौजूदा तकनीक से फ़ायदे के साथ माइन किया जा सके, यानी निकाला जा सके.

प्रोफ़ेसर सुंदरावल्ली कहती हैं, “भारत में अच्छी गुणवत्ता वाला सोना कम है, इसलिए यहां खनन प्रतिस्पर्धी नहीं है.”

उन्होंने कहा कि, “भारतीय घरों में बहुत सारा सोना है. घरों में मौजूद सोने को लेकर अलग-अलग अनुमान हैं, लेकिन आमतौर पर इसे 25 हज़ार से 27 हज़ार टन माना जाता है.”

जब उनसे इस आंकड़े का आधार पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि यह एक सामान्य अनुमान है, जिसे ज़्यादातर लोग मानते हैं.

उन्होंने कहा कि, “हर साल 600 से 700 टन सोना आयात होता है और निर्यात बहुत कम है, इसलिए यह सोना घरों में जमा हो गया है.”

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