मिशन तालीम का असर: रायपुर में 350 छात्रों को छात्रवृत्ति, पूरे प्रदेश में 1,000 विद्यार्थियों को मिलेंगे ₹52 लाख

मिशन तालीम का असर: रायपुर में 350 छात्रों को छात्रवृत्ति, पूरे प्रदेश में 1,000 विद्यार्थियों को मिलेंगे ₹52 लाख

रायपुर। छत्तीसगढ़ ज़कात फाउंडेशन द्वारा संचालित मिशन तालीम के तहत आयोजित 12वें एज़ाज़ी प्रोग्राम में शिक्षा और प्रतिभा को प्रोत्साहन देने की अनूठी मिसाल देखने को मिली। शहीद स्मारक ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह में रायपुर एवं आसपास के लगभग 350 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई, जबकि वर्ष 2026 में पूरे छत्तीसगढ़ के करीब 1,000 विद्यार्थियों को कुल ₹52 लाख की छात्रवृत्ति देने की घोषणा की गई। इस अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 68 शिक्षकों का सम्मान भी किया गया।

कार्यक्रम में मेधावी छात्र-छात्राओं, नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल विद्यार्थियों, खेल प्रतिभाओं, शैक्षणिक टॉपर्स तथा उर्दू-अरबी कैलीग्राफी और हीना आर्ट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित किया गया। छात्रवृत्ति मिलने पर कई अभिभावक भावुक नजर आए और फाउंडेशन के प्रति आभार व्यक्त किया।

12 वर्षों में 8 हजार से अधिक छात्रवृत्तियां

फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि पिछले 12 वर्षों में संस्था द्वारा 8,000 से अधिक छात्रवृत्तियां प्रदान की जा चुकी हैं। फाउंडेशन की सहायता से पढ़े विद्यार्थियों में अब तक 16 एमबीबीएस डॉक्टर, 160 इंजीनियर, 10 सीए-सीएमए प्रोफेशनल, 110 से अधिक नर्सिंग प्रोफेशनल और 800 से अधिक ग्रेजुएट शामिल हैं।

संस्थापक सदस्य सैय्यद अकील अहमद ने बताया कि वर्ष 2015 में 300 विद्यार्थियों और ₹9 लाख की छात्रवृत्ति से शुरू हुआ यह अभियान आज बढ़कर 1,000 विद्यार्थियों और ₹52 लाख की सहायता तक पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन से लाभान्वित कई विद्यार्थी आज प्रतिष्ठित संस्थानों और कंपनियों में कार्यरत हैं तथा समाज को वापस योगदान भी दे रहे हैं।

टैलेंट सर्च से मेडिकल कॉलेज तक का सफर

कार्यक्रम में उस छात्र का विशेष सम्मान किया गया जिसने फाउंडेशन के टैलेंट सर्च एग्जाम के माध्यम से निःशुल्क कोचिंग प्राप्त की, नीट परीक्षा उत्तीर्ण की और शासकीय मेडिकल कॉलेज महासमुंद में प्रवेश हासिल किया।

वरिष्ठ शिक्षाविद् जनाब ज़फ़र अमजद को शिक्षा, उर्दू भाषा के प्रचार-प्रसार और सामाजिक सेवा में उल्लेखनीय योगदान के लिए “बीकन ऑफ इंस्पिरेशन – मशअल-ए-राह” सम्मान से सम्मानित किया गया।

हुनर और रोजगार पर भी फोकस

फाउंडेशन के माहिर-ए-हुनर कार्यक्रम के तहत उर्दू एवं अरबी कैलीग्राफी, जेनरेटिव एआई, टैली, एमएस ऑफिस, फैशन डिजाइनिंग, मेहंदी-हीना आर्ट और स्पोकन इंग्लिश सहित विभिन्न प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। संस्था के अनुसार अब तक 800 से अधिक युवाओं और महिलाओं को विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

अतिथियों ने दिया शिक्षा और अनुशासन का संदेश

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, छत्तीसगढ़ हज कमेटी के अध्यक्ष मिर्ज़ा एजाज़ बेग, छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड की सीईओ शम्मी नाहिद तथा रायपुर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

अतिथियों ने विद्यार्थियों को शिक्षा, ईमानदारी, अनुशासन और मेहनत को जीवन की सफलता का आधार बताते हुए आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। साथ ही बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता देने और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने का संदेश भी दिया।

समाज सेवा में भी सक्रिय

फाउंडेशन ने बताया कि शिक्षा के साथ-साथ समाज सेवा के क्षेत्र में भी लगातार कार्य किया जा रहा है। अब तक 15 हजार स्टेशनरी किट, कोविड काल में 3 हजार से अधिक राशन किट, जरूरतमंद मरीजों के लिए ऑक्सीजन मशीनों की व्यवस्था, जल सेवा और वृक्षारोपण जैसे अभियान चलाए गए हैं।

फाउंडेशन का कहना है कि उसका उद्देश्य केवल छात्रवृत्ति प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसी पीढ़ी तैयार करना है जो शिक्षित, हुनरमंद और आत्मनिर्भर बनकर समाज के अन्य जरूरतमंद लोगों का सहारा बन सके।

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