6 साल में ‘नखदंत युक्त शेर’ बना राज्य महिला आयोग, 416 जनसुनवाई में 6184 मामलों का निराकरण

6 साल में ‘नखदंत युक्त शेर’ बना राज्य महिला आयोग, 416 जनसुनवाई में 6184 मामलों का निराकरण

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने अपने लगातार दो कार्यकाल के छह वर्ष पूरे होने पर आयोग की उपलब्धियों का ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि महिला आयोग ने बीते छह वर्षों में प्रदेश के सभी 33 जिलों और 5 संभागों में पहुंचकर महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए व्यापक स्तर पर काम किया है।

डॉ. नायक ने बताया कि 23 जुलाई 2020 से शुरू हुए उनके कार्यकाल के दौरान आयोग ने 416 जनसुनवाई आयोजित कर एक रिकॉर्ड कायम किया। इस अवधि में 6463 प्रकरण पंजीबद्ध हुए, जिनमें से 6184 मामलों का निराकरण किया गया। सुनवाई के दौरान मामलों को कुल 10,065 बार सुना गया, जिससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 20 हजार से अधिक परिवारों को राहत मिली।

उन्होंने बताया कि आयोग ने 30 मामलों में स्वतः संज्ञान लिया। इनमें कवर्धा जिले के लोहारीडीह गांव में महिलाओं के साथ कथित पुलिस अत्याचार का मामला भी शामिल है, जिसमें आयोग ने जेल जाकर 33 महिलाओं के बयान दर्ज किए और रिपोर्ट राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को भेजी।

महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए आयोग ने ‘मुख्यमंत्री महतारी न्याय रथ’ अभियान चलाया। इसके तहत 23 जिलों के 672 गांवों और ब्लॉकों में 217 दिनों तक ऑडियो-विजुअल माध्यम से कानूनी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिससे लाखों महिलाओं और बालिकाओं को लाभ मिला।

आयोग ने विभिन्न संभागों में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर 2200 मास्टर ट्रेनर तैयार किए। इन प्रशिक्षणों में साइबर अपराध, मानव तस्करी, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न, महिला अपराध और साक्ष्य संकलन जैसे विषय शामिल रहे।

डॉ. नायक ने बताया कि आयोग की पहल पर कई उल्लेखनीय मामलों में महिलाओं को न्याय मिला। एक मामले में पीड़िता को 67 तोला सोना, 19 किलो 750 ग्राम चांदी और दहेज का अन्य सामान वापस दिलाया गया, जबकि 100 से अधिक मामलों में महिलाओं को एकमुश्त भरण-पोषण राशि दिलाई गई। दूसरी पत्नी रखने वाले पुलिसकर्मियों और शासकीय कर्मचारियों के खिलाफ 20 से अधिक मामलों में एफआईआर दर्ज कराई गई।

उन्होंने कहा कि आयोग ने कोविड काल में भी जनसुनवाई जारी रखी, जिसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त हुआ। आयोग ने गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी अपना नाम दर्ज कराया। इसके अलावा आयोग के व्हाट्सएप कॉल सेंटर के माध्यम से सैकड़ों महिलाओं ने शिकायत दर्ज कराकर राहत प्राप्त की।

डॉ. किरणमयी नायक ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग ने बीते छह वर्षों में महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और त्वरित न्याय दिलाने की दिशा में प्रभावी कार्य करते हुए पूरे देश में अपनी अलग पहचान बनाई है।

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